प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को नई दिल्ली के यशोभूमि में इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) के 10वें संस्करण का उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने देश में मोबाइल और इंटरनेट के बढ़ते प्रभाव को रेखांकित करते हुए कहा कि मोबाइल फोन अब सिर्फ बातचीत या चैटिंग का साधन नहीं रह गया है। यह सुशासन, डिजिटल सेवाओं, आर्थिक अवसरों और सामाजिक बदलाव का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है।
पीएम मोदी ने कहा कि पिछले 10-12 वर्षों में मोबाइल संचार की भूमिका में बड़ा बदलाव आया है। यह अब भारत के डिजिटल विजन के केंद्र में है और लोगों को सरकार की सेवाओं से सीधे जोड़ रहा है। मोबाइल के जरिए नागरिकों को कई सरकारी सेवाएं घर बैठे उपलब्ध हो रही हैं। इससे लोगों का आने-जाने का समय, इंतजार और खर्च कम हुआ है। प्रधानमंत्री ने इसे तकनीक से मिलने वाला बड़ा नागरिक लाभ बताया।
2022 से 10 गुना बढ़ी इंटरनेट स्पीड
प्रधानमंत्री ने भारत की इंटरनेट कनेक्टिविटी में हुई तेज प्रगति का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि 2022 की तुलना में देश में इंटरनेट की स्पीड करीब 10 गुना बढ़ चुकी है। इसी तेज कनेक्टिविटी ने मोबाइल के इस्तेमाल को केवल संचार तक सीमित नहीं रहने दिया। अब स्मार्टफोन के जरिए गेमिंग, ऑनलाइन मनोरंजन, डिजिटल कारोबार और कंटेंट क्रिएशन तेजी से बढ़ रहे हैं।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत में गेमिंग का दायरा तेजी से बढ़ रहा है और छोटे शहरों के युवा भी इस क्षेत्र में अपनी पहचान बना रहे हैं। मोबाइल फोन अब युवाओं के लिए केवल गेम खेलने का उपकरण नहीं, बल्कि गेमिंग कंसोल और क्रिएशन स्टूडियो दोनों बन गया है। इससे कंटेंट क्रिएशन, ई-स्पोर्ट्स और नए डिजिटल कारोबार के अवसर बढ़े हैं।
5G पहुंचा हर जिले तक
प्रधानमंत्री ने 5G नेटवर्क के विस्तार को भी भारत की बड़ी उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि 5G कनेक्टिविटी देश के हर जिले तक पहुंच चुकी है। देश में 5.5 लाख से ज्यादा बेस स्टेशन 5G नेटवर्क को सपोर्ट कर रहे हैं। तेज इंटरनेट और व्यापक कनेक्टिविटी आने वाले समय में डिजिटल सेवाओं और नई तकनीकों के विस्तार की नींव तैयार कर रही है।
DBT से करोड़ों लोगों को सीधे लाभ
पीएम मोदी ने डिजिटल कनेक्टिविटी और डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के बीच संबंध का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि DBT के जरिए करीब 50 लाख करोड़ रुपये लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे पहुंचाए गए हैं। प्रधानमंत्री के अनुसार, इस व्यवस्था से करीब 5 लाख करोड़ रुपये गलत हाथों में जाने से बचाए गए। किसानों समेत बड़ी संख्या में लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं का पैसा सीधे खाते में मिलने लगा है और मोबाइल पर इसकी सूचना भी पहुंचती है।
6G, AI और साइबर सुरक्षा पर फोकस
इस बार इंडिया मोबाइल कांग्रेस की थीम ‘स्केल विदाउट बाउंड्रीज’ यानी ‘बिना सीमाओं के विस्तार’ है। चार दिवसीय आयोजन में 5G-6G, एआई आधारित नेटवर्क, सेमीकंडक्टर, साइबर सुरक्षा, क्वांटम कम्युनिकेशन और सैटेलाइट नेटवर्क जैसी तकनीकों पर चर्चा हो रही है। स्मार्ट मोबिलिटी, औद्योगिक रोबोटिक्स और परिवहन तकनीक जैसे नए क्षेत्रों को भी आयोजन में शामिल किया गया है।
प्रधानमंत्री ने तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के साथ साइबर धोखाधड़ी से निपटने की जरूरत पर भी जोर दिया। उनका कहना है कि डिजिटल तकनीक को केवल सुविधा का माध्यम नहीं, बल्कि सुरक्षित, समावेशी और टिकाऊ विकास का साधन बनाना होगा।


