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    नाना पाटेकर: विश्वनाथ से बने नाना, बहन ने दिया था नाम, 750 रुपये में हुई थी शादी, यह आखिरी वादा रह गया अधूरा

    दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन से फिल्म जगत में शोक की लहर है। 75 वर्ष की उम्र में अभिनेता ने दुनिया को अलविदा कह दिया। नाना का असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था। फिल्मों में आने के बाद वह जिस नाम से मशहूर हुए, उसके पीछे भी बचपन की एक प्यारी कहानी है। वहीं, उनकी निजी जिंदगी से जुड़े कई ऐसे किस्से हैं, जो उनकी सादगी और संघर्ष को बयां करते हैं।

    बहन ने प्यार से बुलाया था ‘नाना’

    नाना पाटेकर का जन्म महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के मुरुड-जंजीरा में हुआ था। उनका असली नाम विश्वनाथ पाटेकर था। बचपन में उनकी छोटी बहन उन्हें प्यार से ‘नाना’ कहकर बुलाती थीं। धीरे-धीरे यही नाम उनके परिवार और करीबियों के बीच लोकप्रिय हो गया और आगे चलकर यही उनकी फिल्मी पहचान बन गया। यहां तक कि उनके आधिकारिक दस्तावेजों में भी ‘नाना पाटेकर’ नाम दर्ज था।

    महज 750 रुपये में हुई थी शादी

    नाना पाटेकर ने वर्ष 1978 में थिएटर कलाकार नीलकांती पाटेकर से शादी की थी। उस दौर में दोनों का जीवन आज की चमक-दमक से बिल्कुल अलग था। रिपोर्ट के मुताबिक, उनकी शादी का कुल खर्च महज 750 रुपये आया था। शादी के शुरुआती दिनों में नीलकांती एक बैंक अधिकारी थीं और उनकी मासिक सैलरी करीब 2500 रुपये थी। वहीं नाना को उस समय एक शो के लिए सिर्फ 50 रुपये मिलते थे।

    नाना का जीवन संघर्षों से भरा रहा। बचपन में आर्थिक तंगी का सामना करने के बावजूद उन्होंने अभिनय के क्षेत्र में अपनी जगह बनाई। कम उम्र में उन्होंने काम करना शुरू कर दिया था। एक समय वह बेहद कम पैसों में काम करते थे और मुश्किल परिस्थितियों के बीच अपने परिवार का सहारा बने।

    सेना से था खास लगाव

    नाना पाटेकर का भारतीय सेना से भी गहरा जुड़ाव रहा। 1991 में आई फिल्म ‘प्रहार: द फाइनल अटैक’ के निर्देशन और उसमें फौजी की भूमिका निभाने के लिए उन्होंने सेना के साथ कठिन प्रशिक्षण लिया था। उनके लिए यह केवल पर्दे पर निभाया जाने वाला किरदार नहीं था, बल्कि सेना और जवानों के प्रति उनके सम्मान को भी दर्शाता था।

    बेटे को खोने का दर्द

    नाना पाटेकर की निजी जिंदगी में सबसे बड़ा दुख उनके बड़े बेटे की बचपन में हुई मौत थी। इस घटना ने उन्हें अंदर तक झकझोर दिया था। बाद में छोटे बेटे मल्हार पाटेकर के जन्म से परिवार में खुशियां लौटीं। मल्हार ने अभिनय की जगह फिल्म निर्माण और निर्देशन को अपना करियर बनाया।

    शेखर सुमन से किया आखिरी वादा

    नाना के निधन के बाद अभिनेता शेखर सुमन ने उनसे जुड़ा भावुक किस्सा साझा किया। उन्होंने बताया कि नाना जल्द ही उनके शो ‘शेखर टुनाइट’ में आने वाले थे। शेखर के मुताबिक, कुछ दिन पहले ही दोनों की फोन पर बात हुई थी। नाना ने कहा था कि गोवा में चल रही शूटिंग खत्म करने के बाद वह उनके शो पर जरूर आएंगे। यहां तक कि उन्होंने यह भी कहा था कि सबसे पहले उनके शो पर ही आएंगे।

    शेखर सुमन ने बताया कि नाना से शो में आने की तारीख को लेकर भी बात हुई थी और करीब तीन दिन बाद उनकी मौजूदगी तय थी। लेकिन इससे पहले ही उनके निधन की खबर आ गई। शेखर ने नाना को बेबाक, ईमानदार और बेहद सरल इंसान बताते हुए कहा कि उनके जाने की खबर पर यकीन करना मुश्किल है।

    रंगमंच से सिनेमा तक अपनी अलग पहचान बनाने वाले नाना पाटेकर ने अभिनय के साथ-साथ इंसान के तौर पर भी गहरी छाप छोड़ी। उनकी जिंदगी के ये किस्से बताते हैं कि शोहरत की ऊंचाइयों पर पहुंचने के बावजूद उन्होंने सादगी और जमीन से जुड़े रहने की पहचान कायम रखी।

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