नॉर्वे सरकार AI से लैस स्मार्ट ग्लासेस के इस्तेमाल पर कुछ सार्वजनिक जगहों पर अस्थायी रोक लगाने की तैयारी कर रही है। सरकार की चिंता है कि कैमरा और रिकॉर्डिंग फीचर वाले इन चश्मों से लोगों की जानकारी के बिना उनकी तस्वीर, वीडियो या ऑडियो रिकॉर्ड किया जा सकता है।
इन जगहों पर लग सकता है प्रतिबंध
प्रस्तावित नियम के तहत पार्क, समुद्र तट, म्यूजियम, शॉपिंग सेंटर और सार्वजनिक कार्यक्रमों में AI ग्लासेस के इस्तेमाल पर रोक लग सकती है। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए स्कूल, किंडरगार्टन, खेल के मैदान और यूथ क्लब भी इसके दायरे में आ सकते हैं। अस्पताल, स्विमिंग पूल, जिम और चेंजिंग रूम या शॉवर वाली जगहों पर भी प्रतिबंध की संभावना है।
पूरी तरह बैन नहीं होंगे स्मार्ट ग्लास
नॉर्वे सरकार का प्रस्ताव AI ग्लासेस की बिक्री या हर जगह इस्तेमाल पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का नहीं है। इसका मकसद संवेदनशील स्थानों पर इनके इस्तेमाल को नियंत्रित करना है। कुछ जरूरतमंद समूहों और सामाजिक हित से जुड़े सीमित उपयोग के लिए छूट का प्रावधान भी रखा जा सकता है।
क्यों बढ़ी चिंता?
डिजिटलाइजेशन मंत्री टॉर्गेइर मिकेलसेन ने कहा कि सरकार ऐसी स्थिति नहीं चाहती, जहां लोग उन स्थानों पर बिना जानकारी के रिकॉर्ड किए जाने की चिंता करें, जहां आमतौर पर निजता की उम्मीद होती है। सरकार स्थायी नियम बनाने के लिए विशेषज्ञ समूह भी गठित करेगी।
AI ग्लासेस यानी ऐसे स्मार्ट चश्मे, जिनमें कैमरा, माइक्रोफोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे फीचर होते हैं। ये चश्मे तस्वीरें और वीडियो रिकॉर्ड करने, आवाज सुनने, सवालों के जवाब देने और आसपास की चीजों की जानकारी देने जैसे काम कर सकते हैं। लेकिन इन्हीं फीचर्स की वजह से निजता और बिना अनुमति रिकॉर्डिंग को लेकर सवाल भी उठ रहे हैं।


