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    सऊदी पर हूती हमलों से बढ़ा तनाव, पाक-तुर्किये की सेनाएं होंगी तैनात; जानें क्या है योजना

    पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच सऊदी अरब और हूती विद्रोहियों के बीच टकराव और तेज हो गया है। यमन के हूती समूह ने सऊदी अरब में कई महत्वपूर्ण ठिकानों को मिसाइल और ड्रोन से निशाना बनाने का दावा किया है। इसके बाद सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये ने सामूहिक रक्षा व्यवस्था को सक्रिय करते हुए सऊदी अरब में सैन्य बलों और क्षमताओं की तेजी से तैनाती की दिशा में कदम बढ़ाने पर सहमति जताई है।

    रियाद एयरपोर्ट और अरामको रिफाइनरी पर हमले का दावा

    हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरी ने दावा किया कि समूह ने तीन सैन्य अभियान चलाए। इनमें रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे, राबिघ स्थित सऊदी अरामको की रिफाइनरी और दक्षिणी क्षेत्र में सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। हूतियों ने दावा किया कि रियाद एयरपोर्ट पर हमले से हवाई यातायात प्रभावित हुआ, जबकि राबिघ की तेल रिफाइनरी में आग लग गई। इन दावों पर सऊदी अधिकारियों की तत्काल पुष्टि नहीं हुई है।

    हूतियों के मुताबिक, ये हमले यमन में सऊदी नेतृत्व वाले सैन्य अभियान के जवाब में किए गए। समूह ने सऊदी अरब के अन्य इलाकों में भी हमलों का दावा किया है। दूसरी ओर, सऊदी समर्थित यमनी सरकारी बलों ने बाब-अल-मंदेब के आसपास हूती नियंत्रण वाले क्षेत्रों के खिलाफ अभियान तेज किया है। यह जलडमरूमध्य लाल सागर और अदन की खाड़ी को जोड़ता है और वैश्विक समुद्री व्यापार के लिहाज से महत्वपूर्ण है।

    मक्का रक्षा गठबंधन हुआ सक्रिय

    हूती हमलों के बीच सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्किये ने 5 अक्तूबर को रियाद में मक्का रक्षा गठबंधन की रणनीतिक, राजनीतिक और रक्षा समिति की आपात बैठक की। बैठक के बाद जारी संयुक्त बयान में तीनों देशों ने सामूहिक रक्षा प्रतिबद्धताओं को तत्काल लागू करने और सहमत सैन्य बलों व क्षमताओं की सऊदी अरब में तेजी से तैनाती के लिए आवश्यक कदम उठाने पर सहमति जताई।

    यह समझौता अगस्त 2026 में तीनों देशों के बीच हुआ था। इसके तहत किसी एक सदस्य पर सशस्त्र हमला होने की स्थिति में उसे सामूहिक सुरक्षा के नजरिए से देखा जाना है। हालांकि, ताजा बयान में यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि पाकिस्तान और तुर्किये कितने सैनिक भेजेंगे, उनकी तैनाती कब से होगी या उन्हें किन विशेष अभियानों में इस्तेमाल किया जाएगा।

    अभी क्या होगी पाक-तुर्किये की भूमिका?

    पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के अनुसार, पाकिस्तानी और तुर्किये की सेनाओं की क्षेत्र में मौजूदगी और सहयोगी भूमिका पहले से है। उन्होंने बताया कि सऊदी अरब को आवश्यक सहायता दी जा रही है और पाकिस्तान निगरानी तथा खुफिया जानकारी जुटाने जैसे कार्यों में भी सहयोग कर रहा है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के मुताबिक सीधे लड़ाकू अभियानों में सऊदी सेना की भूमिका बनी हुई है।

    तीनों देशों ने मक्का और मदीना को निशाना बनाने की कोशिशों तथा सऊदी शहरों और नागरिक एवं आर्थिक ठिकानों पर हमलों की निंदा की है। ऐसे में ताजा घटनाक्रम से पश्चिम एशिया के संघर्ष का दायरा और बढ़ने की आशंका बनी हुई है।

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