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    देश के लिए बोझ बन गए हो, शर्म बची है तो इस्तीफा दें, ज्ञानेश कुमार पर बरसे जयराम रमेश

    कांग्रेस ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ अपना हमला तेज कर दिया है। पार्टी के महासचिव (संचार) जयराम रमेश ने सोमवार को ज्ञानेश कुमार से तत्काल इस्तीफा देने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग के प्रमुख की ओर से कथित तौर पर ‘जी-2 के गैर-कानूनी आदेशों’ को लागू करने की क्षमता ने उन्हें अब देश के लिए बोझ बना दिया है।

    जस्टिस उज्ज्वल भुइयां की टिप्पणी का हवाला

    जयराम रमेश ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां के एक कार्यक्रम में दिए गए संबोधन का वीडियो साझा किया। उन्होंने कहा कि न्यायमूर्ति भुइयां ने चुनाव आयोग और सीईसी को लेकर स्थिति को स्पष्ट कर दिया है। रमेश ने कहा कि अगर ज्ञानेश कुमार में थोड़ी भी शर्म बची है तो उन्हें तुरंत पद छोड़ देना चाहिए।

    दरअसल, न्यायमूर्ति भुइयां ने हैदराबाद में नालसार विश्वविद्यालय के एक कार्यक्रम में मताधिकार और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे पर टिप्पणी की थी। उन्होंने कहा था कि ऐसी कोई प्रक्रिया, जिसके कारण लाखों नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित हो जाएं और अपने ही देश में वोट के अधिकार के बिना ‘दूसरे दर्जे के नागरिक’ बन जाएं, वह स्वाभाविक रूप से मनमानी होगी।

    SIR को लेकर जारी है विवाद

    जयराम रमेश का यह हमला चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर चल रहे विवाद के बीच आया है। विपक्षी दलों ने मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण को लेकर चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं और आरोप लगाया है कि इसके चलते बड़ी संख्या में मतदाता प्रभावित हो सकते हैं। चुनाव आयोग ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि उसकी प्रक्रिया कानून के मुताबिक है।

    इस मुद्दे को लेकर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिकाएं दायर की गई हैं। सोमवार को शीर्ष अदालत में ज्ञानेश कुमार के कामकाज और SIR से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई होनी है। याचिकाओं में कथित तौर पर एकतरफा लिए गए फैसलों, दिशा-निर्देशों और सॉफ्टवेयर में किए गए बदलावों पर सवाल उठाए गए हैं।

    कांग्रेस ने लगाए संविधान के उल्लंघन के आरोप

    कांग्रेस इससे पहले भी न्यायमूर्ति भुइयां की टिप्पणी का हवाला देते हुए चुनाव आयोग पर निशाना साध चुकी है। पार्टी का आरोप है कि मताधिकार को प्रभावित करने वाली प्रक्रिया संविधान की मूल भावना के खिलाफ है। जयराम रमेश ने दावा किया कि ज्ञानेश कुमार ने संवैधानिक पद पर रहते हुए संविधान की भावना का उल्लंघन किया है और अब उनके पास पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं बचा है।

    हालांकि, ये कांग्रेस और जयराम रमेश के आरोप एवं राजनीतिक मांगें हैं। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की कोई घोषणा नहीं हुई है और SIR को लेकर अंतिम कानूनी स्थिति पर सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई महत्वपूर्ण होगी।

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