एशियन गेम्स 2026 के आखिरी दिन भारत के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। युवा तीरंदाज कुमकुम मोहोद ने महिला व्यक्तिगत रिकर्व स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर देश के खाते में 17वां स्वर्ण पदक जोड़ दिया। 17 वर्षीय कुमकुम ने फाइनल मुकाबले में दक्षिण कोरिया की ओह येजिन को हराकर यह उपलब्धि हासिल की।
कुमकुम की इस जीत को भारतीय तीरंदाजी के लिए भी खास माना जा रहा है। वह एशियाई खेलों में महिला व्यक्तिगत रिकर्व में स्वर्ण जीतने वाली भारतीय तीरंदाज बनी हैं। इससे पहले वह महिला रिकर्व टीम स्पर्धा में भी भारत को स्वर्ण दिलाने वाली टीम का हिस्सा रही थीं। टीम स्पर्धा में कुमकुम ने अंकिता भकत और कीर्ति शर्मा के साथ मिलकर दक्षिण कोरिया को हराया था।
व्यक्तिगत स्पर्धा में कुमकुम का सफर भी बेहद प्रभावशाली रहा। उन्होंने क्वार्टर फाइनल में दक्षिण कोरिया की शीर्ष वरीयता प्राप्त कांग चाएयंग को 6-4 से हराकर बड़ा उलटफेर किया। इसके बाद सेमीफाइनल में चीन की झू जिंगयी को 6-2 से मात देकर फाइनल में जगह बनाई। सेमीफाइनल की जीत के साथ उन्होंने भारत के लिए लॉस एंजिलिस 2028 ओलंपिक का कोटा स्थान भी सुनिश्चित किया।
कुमकुम की सफलता इसलिए भी खास है क्योंकि वह अभी केवल 17 साल की हैं और वरिष्ठ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उनका सफर अपेक्षाकृत नया है। महाराष्ट्र की रहने वाली कुमकुम ने कम उम्र में तीरंदाजी शुरू की थी। शुरुआती दौर में उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद लगातार अभ्यास और प्रतियोगिताओं में प्रदर्शन के दम पर अपनी पहचान बनाई।
भारत के लिए यह स्वर्ण ऐसे समय आया है, जब एशियन गेम्स के अंतिम दिन पदक तालिका में टीम की नजरें अपने अभियान को मजबूत अंदाज में खत्म करने पर हैं। कुमकुम के व्यक्तिगत रिकर्व स्वर्ण ने भारतीय दल के स्वर्ण पदकों की संख्या बढ़ाकर 17 कर दी है।
कुमकुम की उपलब्धि भारतीय तीरंदाजी के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। टीम स्पर्धा के बाद व्यक्तिगत रिकर्व में भी स्वर्ण जीतकर उन्होंने एशियन गेम्स 2026 में अपना नाम इतिहास में दर्ज करा दिया है।
एशियन गेम्स में भारत का गोल्डन डे
एशियन गेम्स 2026 में 2 अक्टूबर का दिन भारत के लिए बेहद खास रहा। भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए एक ही दिन में छह स्वर्ण पदक अपने नाम किए। इन पदकों के साथ भारत की पदक तालिका में स्थिति और मजबूत हुई और कुल स्वर्ण पदकों की संख्या में भी बड़ा इजाफा हुआ।
2 अक्टूबर को भारत के लिए तीरंदाजी, मुक्केबाजी, एथलेटिक्स और अन्य स्पर्धाओं में खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन किया। तीरंदाजी में भारतीय दल का प्रदर्शन विशेष रूप से चर्चा में रहा। महिला रिकर्व टीम ने स्वर्ण पदक जीता, जबकि व्यक्तिगत स्पर्धाओं में भी भारतीय खिलाड़ियों ने पदक की उम्मीदें मजबूत कीं।
मुक्केबाजी में लवलीना बोरगोहेन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए स्वर्ण पदक हासिल किया। उनके अलावा एथलेटिक्स और अन्य खेलों में भारतीय खिलाड़ियों ने फाइनल मुकाबलों में जीत दर्ज कर देश का तिरंगा सबसे ऊंचा किया।


