दक्षिण-पश्चिम मानसून की विदाई के साथ देश में मौसम का मिजाज तेजी से बदलने वाला है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अक्टूबर 2026 के लिए देश में सामान्य से कम बारिश का अनुमान जताया है। साथ ही अधिकांश हिस्सों में अधिकतम और न्यूनतम तापमान सामान्य से ऊपर रहने की संभावना है। यानी मानसून के बाद अक्टूबर में बारिश की कमी के साथ गर्मी भी ज्यादा महसूस हो सकती है।
85 फीसदी से कम रह सकती है बारिश
IMD के मुताबिक अक्टूबर में पूरे देश में बारिश लंबी अवधि के औसत (LPA) की 85 फीसदी से कम रहने की संभावना है। हालांकि, देश के हर हिस्से में स्थिति एक जैसी नहीं होगी। उत्तर-पश्चिम भारत, दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत और पूर्वी भारत के कुछ इलाकों में बारिश सामान्य या सामान्य से अधिक भी हो सकती है। इसके उलट देश के बड़े हिस्से में सामान्य से कम बारिश का अनुमान है।
मौसम विभाग का यह अनुमान मानसून की कमजोर विदाई की पृष्ठभूमि में आया है। 2026 में जून से सितंबर के बीच देश में कुल 759.4 मिलीमीटर बारिश दर्ज हुई, जबकि सामान्य बारिश करीब 868.6 मिलीमीटर रहती है। इस तरह मानसूनी बारिश में करीब 12.6 फीसदी की कमी रही। IMD के मुताबिक यह 2015 के बाद सबसे कमजोर मानसून रहा।
19 सितंबर से शुरू हुई मानसून की वापसी
देश से दक्षिण-पश्चिम मानसून की वापसी 19 सितंबर को पश्चिमी राजस्थान से शुरू हुई थी। यह सामान्य तारीख 17 सितंबर से दो दिन देर थी। 23 सितंबर तक पंजाब, हरियाणा, राजस्थान के ज्यादातर हिस्सों और पूरी दिल्ली से मानसून लौट चुका था। आने वाले दिनों में इसके देश के अन्य हिस्सों से भी वापस लौटने के लिए परिस्थितियां अनुकूल रहने का अनुमान है।
हालांकि, मानसून की विदाई का मतलब यह नहीं है कि अक्टूबर की शुरुआत में हर जगह बारिश पूरी तरह थम जाएगी। 1 अक्टूबर को भी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, बिहार, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में बारिश और तेज हवाओं का अनुमान है। यानी संक्रमण के इस दौर में कुछ इलाकों में अचानक बारिश के दौर जारी रह सकते हैं।
तापमान भी सामान्य से ऊपर रहने का अनुमान
IMD ने अक्टूबर में देश के अधिकांश हिस्सों में अधिकतम और न्यूनतम दोनों तापमान सामान्य से ऊपर रहने की संभावना जताई है। इसका मतलब है कि मानसून के बाद दिन के साथ-साथ रात के तापमान में भी अपेक्षित गिरावट कम रह सकती है। हालांकि, पूर्वोत्तर भारत के ज्यादातर हिस्सों में न्यूनतम तापमान सामान्य से कम रहने की संभावना बताई गई है।
सितंबर में भी देश का औसत तापमान सामान्य से ऊपर रहा था। पूरे भारत में सितंबर का औसत तापमान 27.72 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य से 0.60 डिग्री अधिक था। दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में सितंबर के अधिकतम, न्यूनतम और औसत तापमान तीनों 1901 के बाद सबसे अधिक दर्ज किए गए।
अल-नीनो का भी असर
IMD के अनुसार अक्टूबर-दिसंबर के दौरान अल-नीनो की स्थिति मजबूत रहने का अनुमान है। इसी अवधि में देश के अधिकांश हिस्सों में सामान्य से कम बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि दक्षिणी प्रायद्वीपीय भारत में बारिश सामान्य रहने का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक अल-नीनो नवंबर में चरम पर पहुंच सकता है।
इस तरह अक्टूबर में मौसम पूरी तरह शुष्क नहीं रहेगा, लेकिन कुल मिलाकर बारिश कम और तापमान सामान्य से अधिक रहने की संभावना है। अलग-अलग राज्यों में स्थानीय मौसम प्रणालियों के कारण बारिश और गर्मी की स्थिति में बदलाव देखने को मिल सकता है।
अक्टूबर से भारत में मौसम धीरे-धीरे बदलता है। IMD के ताजा अनुमान के मुताबिक उत्तर भारत में अक्टूबर के अंत से सुबह-शाम हल्की ठंड महसूस होने लग सकती है, जबकि नवंबर में तापमान में ज्यादा गिरावट आने की संभावना रहती है। IMD के मुताबिक दिसंबर से फरवरी को आधिकारिक तौर पर सर्दी का मौसम माना जाता है।


