नई दिल्ली में बुधवार को हुई INDIA Bloc की बैठक में विपक्षी एकजुटता के साथ-साथ सहयोगी दलों के बीच रणनीति को लेकर अलग-अलग राय भी सामने आई। बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार, SIR, ईवीएम, विरोध-प्रदर्शन की रणनीति और CJP के आंदोलन जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई। 19 दलों ने बैठक के बाद संयुक्त कार्यक्रमों की घोषणा की, लेकिन अंदरखाने कुछ प्रस्तावों पर सभी दल एकमत नहीं थे।
1. ज्ञानेश कुमार पर कार्रवाई का मुद्दा
मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विपक्षी दल लगातार सवाल उठा रहे हैं। बैठक में कुछ नेताओं ने उनके खिलाफ फिर से संसद में हटाने का प्रस्ताव लाने की संभावना पर चर्चा की। हालांकि यह मुद्दा औपचारिक एजेंडे का हिस्सा नहीं बना। कपिल सिब्बल समेत कुछ नेताओं ने पहले के प्रयास का हवाला देते हुए इस रणनीति पर सवाल उठाए।
2. CJP को लेकर कांग्रेस और सहयोगियों का रुख अलग
बैठक में CJP को लेकर भी मतभेद नजर आए। कुछ सहयोगी दल इस आंदोलन के साथ जुड़कर चुनाव आयोग के खिलाफ व्यापक अभियान चलाने की बात कर रहे हैं। वहीं कांग्रेस नेताओं ने बैठक में CJP पर स्पष्ट रुख नहीं अपनाया। सहयोगी दलों के एक वर्ग ने गैर-INDIA दलों, सामाजिक संगठनों और युवा समूहों को भी आंदोलन से जोड़ने की बात कही।
3. EVM या बैलेट पेपर?
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने ईवीएम व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए बैलेट पेपर की वापसी की मांग रखी है। हालांकि INDIA Bloc की संयुक्त कार्ययोजना में कांग्रेस की यह मांग प्रमुख साझा एजेंडे के रूप में शामिल नहीं हुई। सहयोगी दलों का जोर फिलहाल साझा विरोध कार्यक्रम और चुनावी प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों पर सामूहिक कार्रवाई पर रहा।
4. अकेले आंदोलन या साझा कार्यक्रम?
बैठक में एक और अहम सवाल था कि विपक्षी दल अपने-अपने स्तर पर आंदोलन करें या साझा कार्यक्रम बनाएं। सहयोगियों ने समन्वित अभियान पर जोर दिया और कुछ नेताओं ने अलग-अलग पार्टियों के स्वतंत्र कार्यक्रमों के बजाय संयुक्त गतिविधियां बढ़ाने की बात कही। इसके बाद 2 से 8 अक्टूबर तक जिला स्तर पर ‘सेव डेमोक्रेसी’ मार्च, 6 अक्टूबर को संसद सदस्यों के ECI मुख्यालय मार्च और नवंबर से पांच बड़ी रैलियों की घोषणा की गई।
5. INDIA Bloc के बाहर के दलों को साथ लाने पर जोर
बैठक में ममता बनर्जी समेत कुछ नेताओं ने विपक्षी एकजुटता को INDIA Bloc के मौजूदा दायरे से आगे बढ़ाने की जरूरत बताई। गैर-गठबंधन विपक्षी दलों, सामाजिक संगठनों और युवा समूहों को साझा अभियान में जोड़ने का सुझाव भी सामने आया। ममता ने व्यापक विपक्षी समन्वय की जरूरत पर जोर दिया, जबकि राहुल गांधी ने राष्ट्रीय स्तर पर सहयोगियों के बीच एकजुटता बनाए रखने की बात कही।
बैठक का साझा निष्कर्ष
बैठक में मतभेदों के बावजूद 19 दलों ने चुनाव आयोग और SIR से जुड़े मुद्दों पर संयुक्त अभियान चलाने पर सहमति बनाई। विपक्षी दलों ने ECI मुख्यालय तक मार्च, जिला स्तर के प्रदर्शन और बड़ी रैलियों का कार्यक्रम तय किया। हालांकि CJP, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ संसदीय कार्रवाई और EVM जैसे मुद्दों पर सभी सहयोगियों की प्राथमिकताएं एक जैसी नहीं दिखीं। यही बैठक की सबसे महत्वपूर्ण अंदरूनी तस्वीर रही।


