दिल्ली में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली, मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और ईवीएम को लेकर विपक्ष का रुख बुधवार को हुई इंडिया गठबंधन की बैठक में भी सामने आया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बैठक में चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाने, मतदाता सूची में बदलाव का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करने और मतदाताओं को नाम हटाए जाने की स्थिति में अपील का अवसर देने की मांग रखी। बैठक में विपक्षी दलों ने इन मुद्दों पर साझा रणनीति पर चर्चा की।
खरगे ने रखीं छह प्रमुख मांगें
खरगे ने कहा कि भविष्य के चुनावों में SIR से पहले वाली मतदाता सूची का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। उन्होंने मतदाता सूची में होने वाले हर बदलाव की पूरी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की। इसमें विधानसभा क्षेत्र और बूथ स्तर पर नाम जोड़ने, हटाने और संशोधन का ब्योरा शामिल है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि किसी पात्र मतदाता का नाम सूची से हटाने से पहले उसे पर्याप्त सूचना, कारण और प्रभावी अपील का अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने प्रशासनिक चूक, दस्तावेजों की कमी या जागरूकता के अभाव के कारण पात्र मतदाताओं के नाम हटने से बचाने के लिए व्यवस्था बनाने की मांग की।
EVM के बजाय बैलेट पेपर की मांग
बैठक में खरगे ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों की जगह बैलेट पेपर से मतदान कराने की मांग भी रखी। उन्होंने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता और राजनीतिक दलों के भरोसे को मजबूत करने पर जोर दिया।
खरगे ने कहा कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाओं और फैसलों में पारदर्शिता होनी चाहिए, ताकि किसी भी राजनीतिक दल को यह महसूस न हो कि जानकारी उससे छिपाई जा रही है। उन्होंने चुनाव आयोग की संस्थागत जवाबदेही और ऐसा आयोग होने की मांग की जिस पर सभी राजनीतिक दल भरोसा कर सकें।
SIR को लेकर विपक्ष की आपत्ति
इंडिया गठबंधन की बैठक ऐसे समय हुई है जब विपक्षी दल SIR प्रक्रिया को लेकर लगातार सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में नाम हटाए गए और प्रक्रिया में पर्याप्त पारदर्शिता नहीं रही। चुनाव आयोग ने दूसरी ओर कहा है कि SIR और संबंधित फैसले तय प्रक्रिया के तहत लिए गए हैं तथा आयोग में निर्णय बहुमत के आधार पर होते हैं।
चुनाव आयोग पर भी चर्चा
बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग पर भी चर्चा हुई। विपक्षी दलों की ओर से संसद में उनके खिलाफ प्रस्ताव लाने और इसके लिए सांसदों के हस्ताक्षर जुटाने की रणनीति पर विचार किया गया। इसके अलावा आगामी चुनावों वाले राज्यों में SIR और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर संयुक्त आंदोलन की रूपरेखा पर भी चर्चा हुई।
बैठक में कांग्रेस, तृणमूल कांग्रेस, राष्ट्रीय जनता दल, नेशनल कॉन्फ्रेंस समेत कई विपक्षी दलों के नेता शामिल हुए। हालांकि आम आदमी पार्टी और डीएमके ने बैठक से दूरी बनाई। समाजवादी पार्टी की ओर से प्रतिनिधि शामिल हुए, जबकि अखिलेश यादव व्यक्तिगत रूप से बैठक में मौजूद नहीं रहे।


