संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत को सिंधु जल संधि (IWT) के मुद्दे पर चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के हिस्से के पानी को रोकने, उसके प्रवाह में बाधा डालने या उसका रुख मोड़ने की किसी भी कोशिश को उनका देश ‘युद्ध की कार्रवाई’ मानेगा। शहबाज ने कहा कि भारत को इस संबंध में किसी तरह की गलतफहमी नहीं होनी चाहिए।
शहबाज शरीफ के इस बयान पर भारत में राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आई है। भाजपा नेता विनोद तावड़े ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के बयान को लेकर पलटवार किया। उन्होंने लिखा, “ऑपरेशन सिंदूर भूले तो नहीं?” तावड़े ने कहा कि भारत धमकियों से डरने वाला नहीं है और जब देश के हितों का सवाल हो तो वह दुश्मन को उसके घर में घुसकर जवाब देता है।
‘भारत का पानी भारत के हित में बहेगा’
विनोद तावड़े ने अपने पोस्ट में आगे कहा कि “भारत का पानी भारत के हित में ही बहेगा।” उनका यह बयान सिंधु जल संधि को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच जारी विवाद के संदर्भ में आया है।
गौरतलब है कि भारत ने अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद सिंधु जल संधि को स्थगित रखने का फैसला किया था। इसके बाद से पाकिस्तान लगातार इस मुद्दे को अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाता रहा है।
शहबाज शरीफ ने अपने UNGA भाषण में पानी के मुद्दे को पाकिस्तान की सुरक्षा और राष्ट्रीय हित से जोड़ते हुए भारत को चेतावनी दी। वहीं, भारत की ओर से पाकिस्तान के आतंकवाद संबंधी रिकॉर्ड और सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे को लगातार अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उठाया जाता रहा है। ऐसे में UNGA में दोनों देशों के बयानों से पानी और सुरक्षा से जुड़े पुराने विवाद एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं।


