आवाज, संवाद बोलने का अंदाज और स्क्रीन पर मौजूदगी ने उन्हें दूसरे कलाकारों से अलग पहचान दिलाई
हिंदी सिनेमा के सबसे चर्चित खलनायकों में शुमार प्रेम चोपड़ा आज 91 साल के हो गए हैं। 23 सितंबर 1935 को जन्मे अभिनेता ने अपनी जिंदगी के नौ दशक पूरे कर लिए हैं। पर्दे पर उनकी खलनायकी जितनी मशहूर रही, उतनी ही दिलचस्प उनकी फिल्मी दुनिया तक पहुंचने की कहानी भी है। एक समय अखबार में नौकरी करने वाले प्रेम चोपड़ा ने अभिनय के सपने के लिए स्थिर करियर छोड़ दिया था। इसके बाद ट्रेन में हुई एक मुलाकात ने उनकी जिंदगी की दिशा बदल दी।
91वें जन्मदिन पर फिर चर्चा में आया फिल्मी सफर
प्रेम चोपड़ा का जन्म लाहौर में हुआ था। भारत के विभाजन के बाद उनका परिवार यहां आ गया। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने अपने करियर की शुरुआत अखबार में नौकरी से की। उस समय शायद ही किसी ने सोचा होगा कि यही युवक आगे चलकर हिंदी फिल्मों में ऐसा नाम बनाएगा, जिसे खलनायकी के लिए दशकों तक याद किया जाएगा।
लेकिन अभिनय का जुनून उन्हें लगातार फिल्मों की तरफ खींच रहा था। उन्होंने नौकरी के साथ फिल्मी दुनिया में किस्मत आजमाने की कोशिश शुरू की। इसी दौरान ट्रेन में उनकी मुलाकात फिल्मी दुनिया से जुड़े एक व्यक्ति से हुई। इस मुलाकात के बाद उन्हें फिल्मों में काम करने का मौका मिला और उन्होंने अभिनय को अपना करियर बनाने का फैसला कर लिया।
पहला कदम पंजाबी सिनेमा में
प्रेम चोपड़ा ने अभिनय की शुरुआत पंजाबी फिल्मों से की। शुरुआती दौर में उन्हें संघर्ष करना पड़ा, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। धीरे-धीरे हिंदी फिल्मों में भी उन्हें काम मिलने लगा। 1960 के दशक में उनका करियर रफ्तार पकड़ने लगा और इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
शुरुआत में उन्होंने कई तरह के किरदार निभाए, लेकिन आगे चलकर नकारात्मक भूमिकाएं उनकी सबसे बड़ी पहचान बन गईं। उनकी आवाज, संवाद बोलने का अंदाज और स्क्रीन पर मौजूदगी ने उन्हें दूसरे कलाकारों से अलग पहचान दिलाई।
खलनायक बने तो छा गए
प्रेम चोपड़ा ने ‘उपकार’, ‘कटी पतंग’, ‘दो रास्ते’, ‘दाग’, ‘बॉबी’, ‘प्रेम नगर’ और ‘लाल पत्थर’ जैसी फिल्मों में यादगार भूमिकाएं निभाईं। उनका नाम आते ही दर्शकों के जेहन में एक ऐसे विलेन की छवि बनती है, जो बिना ज्यादा शोर किए अपने अंदाज से डर और प्रभाव पैदा कर देता है।
उनका मशहूर संवाद ‘प्रेम नाम है मेरा, प्रेम चोपड़ा’ उनकी पहचान का हिस्सा बन गया। यह संवाद इतना लोकप्रिय हुआ कि अभिनेता के वास्तविक नाम और उनके फिल्मी व्यक्तित्व के बीच भी एक खास रिश्ता बन गया।
अमिताभ से राजेश खन्ना तक, कई सितारों के साथ किया काम
अपने लंबे करियर में प्रेम चोपड़ा ने हिंदी सिनेमा की कई पीढ़ियों के बड़े सितारों के साथ काम किया। राजेश खन्ना, अमिताभ बच्चन, धर्मेंद्र, शशि कपूर और ऋषि कपूर जैसे कलाकारों के साथ उनकी जोड़ी पर्दे पर दिखाई दी।
हालांकि उन्हें मुख्य रूप से खलनायक की भूमिकाओं के लिए पहचाना गया, लेकिन उन्होंने चरित्र और पारिवारिक भूमिकाएं भी कीं। समय के साथ उनके किरदारों में भी बदलाव आया और उन्होंने खुद को सिर्फ एक तरह की भूमिका तक सीमित नहीं रखा।
परिवार भी रहा सुर्खियों में
प्रेम चोपड़ा ने उमा चोपड़ा से शादी की। उनकी तीन बेटियां हैं—रकिता, पुनीता और प्रेरणा। उनकी बेटी प्रेरणा चोपड़ा की शादी अभिनेता शरमन जोशी से हुई है। इस तरह उनका परिवार भी लंबे समय से फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ा रहा है।
91 साल की उम्र में भी कायम है पहचान
प्रेम चोपड़ा के 91वें जन्मदिन पर उनके करियर को याद करना इसलिए भी खास है क्योंकि उन्होंने हिंदी सिनेमा में खलनायक की भूमिका को एक अलग पहचान दी। छह दशक से ज्यादा लंबे फिल्मी सफर में उन्होंने सैकड़ों फिल्मों में काम किया और कई ऐसे किरदार निभाए, जिन्हें दर्शक आज भी नहीं भूल पाए हैं।
अखबार की नौकरी से शुरू हुआ सफर ट्रेन में मिले एक फिल्मी मौके से आगे बढ़ा और आखिरकार उन्हें बॉलीवुड के सबसे पहचाने जाने वाले खलनायकों में शामिल कर गया। यही प्रेम चोपड़ा के 91वें जन्मदिन की सबसे दिलचस्प कहानी है।


