ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के बीच रणनीतिक रूप से बेहद अहम होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर मंगलवार को एक ऐसी खबर सामने आई, जिसने अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में हलचल मचा दी। रॉयटर्स की रिपोर्ट में एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी के हवाले से कहा गया कि अगर अमेरिका सैन्य दबाव कम करता है और ईरानी बंदरगाहों की कथित नाकेबंदी हटाता है, तो ईरान करीब सात दिनों के भीतर होर्मुज को दोबारा खोल सकता है। हालांकि, इसके कुछ ही समय बाद ईरान से इस दावे का खंडन सामने आया।
खबर आते ही गिर गए कच्चे तेल के दाम
होर्मुज खुलने की संभावना वाली खबर से बाजार में आपूर्ति को लेकर चिंता कुछ कम हुई। रॉयटर्स के मुताबिक मंगलवार को ब्रेंट क्रूड का नवंबर कॉन्ट्रैक्ट करीब 2 फीसदी गिरकर 98.33 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया था, जबकि डब्ल्यूटीआई में भी करीब 2.6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई।
तेल बाजार के लिए होर्मुज बेहद महत्वपूर्ण है। युद्ध शुरू होने से पहले दुनिया की करीब 20 फीसदी तेल आपूर्ति इस जलमार्ग से गुजरती थी। हालिया संघर्ष के कारण यहां से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में भारी कमी आई है।
ईरानी अधिकारियों ने रिपोर्ट को बताया गलत
हालांकि, राहत की यह खबर ज्यादा देर कायम नहीं रही। ईरान की अर्ध-सरकारी समाचार एजेंसी फार्स न्यूज ने बाद में रॉयटर्स और जापान की क्योदो न्यूज की रिपोर्टों का खंडन किया। ईरानी सूत्रों के हवाले से कहा गया कि सात दिनों के भीतर होर्मुज खोलने के बदले अमेरिकी सैन्य दबाव कम करने और बंदरगाहों की नाकेबंदी हटाने की बात वाली रिपोर्ट सही नहीं है।
इस तरह फिलहाल ईरान की स्थिति को लेकर दो अलग-अलग दावे सामने हैं। एक तरफ रॉयटर्स ने वरिष्ठ ईरानी अधिकारी के हवाले से संभावित प्रस्ताव की जानकारी दी, वहीं ईरानी सूत्रों ने बाद में इसे गलत और निराधार बताया है।
अमेरिका-ईरान के बीच बातचीत के संकेत
यह घटनाक्रम ऐसे समय आया है जब अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक गतिविधियां बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ संभावित समझौते की बात कही है। रॉयटर्स के अनुसार, ईरानी प्रतिनिधिमंडल को अमेरिका के साथ कूटनीति फिर शुरू करने का अधिकार दिया गया है और 16 सितंबर को मध्यस्थों के जरिए अमेरिका के सामने युद्ध समाप्त करने का प्रस्ताव भी भेजा गया था।
होर्मुज से आवाजाही अभी भी बेहद कम
इस बीच होर्मुज में जहाजों की आवाजाही सामान्य नहीं हुई है। रॉयटर्स के अनुसार 21 सितंबर को केवल दो कमोडिटी जहाजों के जलडमरूमध्य पार करने की जानकारी मिली, जबकि संघर्ष बढ़ने से पहले रोजाना औसतन करीब 125 बड़े वाणिज्यिक जहाज यहां से गुजरते थे।


