केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए उन्हें विदेश दौरों को लेकर घेरा है। रिजिजू ने राहुल गांधी को सलाह दी कि अगर उन्हें चुनाव में जीत हासिल करनी है तो अपनी राजनीतिक रणनीति पर ध्यान देना होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा को दुश्मन के बजाय राजनीतिक विरोधी के रूप में देखना चाहिए। उनके इस बयान से भाजपा और कांग्रेस के बीच सियासी बयानबाजी एक बार फिर तेज होने के संकेत हैं।
रिजिजू की टिप्पणी ऐसे समय में आई है, जब राहुल गांधी लगातार केंद्र सरकार और भाजपा की नीतियों पर सवाल उठाते रहे हैं। कांग्रेस नेता चुनावी प्रक्रिया, मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और लोकतांत्रिक संस्थाओं की भूमिका को लेकर सरकार पर हमलावर हैं। दूसरी ओर, भाजपा विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक रणनीति का हिस्सा बताती रही है।
रिजिजू ने गिनाईं कांग्रेस के लिए सात शर्तें
रिजिजू ने अपनी पोस्ट में कांग्रेस की चुनावी सफलता के लिए सात शर्तें रखीं। उन्होंने राहुल गांधी से भारत में अधिक समय बिताने और बार-बार विदेश में गुप्त छुट्टियां मनाने से बचने को कहा। इसके अलावा वरिष्ठ नेताओं का सम्मान करने और उनके अनुभव से सीख लेने की सलाह दी।
केंद्रीय मंत्री ने राहुल गांधी से भारत विरोधी लोगों से मुलाकात नहीं करने और उनके एजेंडे को बढ़ावा देने से बचने की बात कही। उन्होंने भाजपा, आरएसएस और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति कथित नफरत खत्म करने की सलाह भी दी। रिजिजू ने कहा कि भाजपा को राजनीतिक विरोधी माना जाना चाहिए, दुश्मन नहीं।
संसद और संवैधानिक संस्थाओं के सम्मान की सलाह
रिजिजू की अन्य शर्तों में संसद की कार्यवाही को गंभीरता से लेना और कांग्रेस सांसदों को बहस तथा चर्चा में हिस्सा लेने देना शामिल है। उन्होंने कांग्रेस को संविधान और संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान करने की सलाह दी। साथ ही पार्टी में लोकतांत्रिक तरीके से काम करने और वंशवादी राजनीति खत्म करने की बात कही।
संसद में विपक्ष के वॉकआउट पर भी निशाना
रिजिजू ने संसद में विपक्षी सांसदों के वॉकआउट पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने सदन में दिए अपने भाषण का वीडियो साझा करते हुए कहा कि संसद बहस और चर्चा के लिए है। उनके मुताबिक, जो लोग लोकतंत्र और चर्चा में विश्वास नहीं करते, वे आज खुली बहस की मांग कर रहे हैं।
दरअसल, राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को खुली बहस की चुनौती दे चुके हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी प्रधानमंत्री से वोट चोरी के आरोपों पर जवाब देने की मांग की है। ऐसे में रिजिजू का ताजा बयान भाजपा और कांग्रेस के बीच जारी राजनीतिक टकराव को और तेज करता दिखाई दे रहा है। रिजिजू की सात शर्तें केवल राहुल गांधी पर व्यक्तिगत हमला नहीं, बल्कि कांग्रेस की राजनीतिक रणनीति, नेतृत्व शैली और संसद में विपक्ष की भूमिका पर भाजपा का हमला भी हैं। कांग्रेस की ओर से इन शर्तों पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर सबकी नजर रहेगी।


