उत्तराखंड के प्रसिद्ध तीर्थस्थल बदरीनाथ धाम में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। धाम और आसपास की ऊंची पर्वतीय चोटियों पर बर्फबारी होने से पूरा क्षेत्र बर्फ की सफेद चादर में लिपटा नजर आ रहा है। बर्फबारी के बाद यहां का प्राकृतिक सौंदर्य और निखर गया है। हालांकि, तापमान में गिरावट और सर्द हवाओं के कारण ठिठुरन भी बढ़ गई है।
बर्फबारी से बदला पहाड़ों का नजारा
बदरीनाथ धाम में मौसम खराब होने के साथ बर्फबारी हुई। आसपास की ऊंची चोटियों पर बर्फ जमने से पहाड़ों का दृश्य बेहद आकर्षक हो गया है। बादलों के बीच नजर आती बर्फ से ढकी चोटियां श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित कर रही हैं। हिमालय की गोद में बसे धाम का नजारा सर्दियों की दस्तक का एहसास करा रहा है।
बर्फबारी के कारण ऊंचाई वाले क्षेत्रों में ठंड का असर अधिक महसूस किया जा रहा है। सुबह और शाम के समय सर्द हवाओं से लोगों को परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों और यहां पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को गर्म कपड़ों का सहारा लेना पड़ रहा है।
मौसम विभाग ने बारिश और बर्फबारी का अनुमान जताया
मौसम विज्ञान केंद्र के पूर्वानुमान के अनुसार, सोमवार को उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, बागेश्वर, चमोली और पिथौरागढ़ जिले के कुछ इलाकों में हल्की बारिश हो सकती है। वहीं, 3400 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है।
हालांकि, मौसम विभाग के अनुसार तीन से सात नवंबर तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है। ऐसे में बारिश और बर्फबारी के बाद मौसम में कुछ बदलाव देखने को मिल सकता है।
श्रद्धालुओं को सतर्क रहने की सलाह
बदरीनाथ धाम में चारधाम यात्रा के अंतिम चरण में श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी है। ऐसे में मौसम में अचानक बदलाव और बढ़ती ठंड यात्रियों के लिए चुनौती बन सकती है। ऊंचाई वाले इलाकों में यात्रा करने वालों को मौसम की जानकारी लेकर ही आगे बढ़ने की सलाह दी गई है।
बर्फबारी से जहां बदरीनाथ धाम की खूबसूरती बढ़ गई है, वहीं सर्दी का असर भी तेज हो गया है। पहाड़ों पर बदलता मौसम अब धीरे-धीरे शीतकाल की आहट दे रहा है।


