देश के कई हिस्सों में मौसम ने अचानक करवट ले ली है। पहाड़ी राज्यों में बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की जा रही है। हिमाचल प्रदेश से लेकर उत्तर प्रदेश तक मौसम का मिजाज बदल गया है। कई जगहों पर बादल छाए हुए हैं, जबकि कुछ इलाकों में बारिश और तेज हवाओं ने ठंड का एहसास बढ़ा दिया है। मौसम में आए इस बदलाव के पीछे चक्रवात अर्नब का असर भी अहम माना जा रहा है।
पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण ठंड बढ़ गई है। हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में बर्फ की सफेद चादर दिखाई देने लगी है। इससे पर्यटकों और स्थानीय लोगों को सर्दियों के मौसम का एहसास होने लगा है। वहीं, निचले इलाकों में बारिश और ठंडी हवाओं के चलते तापमान में गिरावट आई है। पहाड़ों में मौसम बदलने का असर आसपास के मैदानी क्षेत्रों में भी महसूस किया जा रहा है।
उत्तर भारत में बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट
उत्तर प्रदेश में भी चक्रवात अर्नब के असर से मौसम प्रभावित हुआ है। प्रदेश के कई जिलों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं का अनुमान है। मौसम विभाग के मुताबिक, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के साथ पूर्वांचल और तराई क्षेत्र में भी बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। बरेली, पीलीभीत और शाहजहांपुर समेत कई जिलों में भारी बारिश की संभावना जताई गई है। कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि का भी खतरा है।
बारिश और बादलों की वजह से प्रदेश के अधिकतम तापमान में 5 से 8 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने का अनुमान है। इससे लोगों को दिन में भी ठंड महसूस हो सकती है। किसानों को भी अपनी फसलों और कृषि उत्पादों की सुरक्षा के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
दिल्ली-एनसीआर में भी गिरा तापमान
दिल्ली-एनसीआर में बारिश और तेज हवाओं ने मौसम का मिजाज बदल दिया है। गुरुवार को दिल्ली में अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 5.6 डिग्री कम था। इसके साथ ही दिल्ली में चार वर्षों का सबसे ठंडा अक्टूबर दिवस दर्ज किया गया।
हरियाणा और पंजाब में भी तापमान में गिरावट देखने को मिली है। हरियाणा के करनाल में अधिकतम तापमान 20.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, मौसम विभाग ने दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ के कुछ हिस्सों में गरज-चमक, तेज हवाओं और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है।
बिहार और दूसरे राज्यों में भी बारिश का अनुमान
चक्रवात अर्नब का असर केवल उत्तर भारत तक सीमित नहीं है। बिहार में 30 अक्टूबर को कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश की आशंका जताई गई है। झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और पश्चिम बंगाल के कई हिस्सों में भी बारिश और गरज-चमक की संभावना है। मौसम विभाग ने कई राज्यों के लिए अलग-अलग स्तर के अलर्ट जारी किए हैं।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, चक्रवात अर्नब आंध्र प्रदेश के तट से टकराने के बाद कमजोर होकर अवदाब में बदल गया है। इसके अवशेष मध्य भारत की ओर बढ़े हैं। इसके साथ पश्चिमी विक्षोभ भी उत्तर भारत के मौसम को प्रभावित कर रहा है। इन दोनों मौसमी प्रणालियों के संयुक्त प्रभाव से बारिश, तेज हवाओं और तापमान में गिरावट की स्थिति बनी है।
लोगों को सतर्क रहने की सलाह
मौसम में अचानक आए बदलाव को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। आंधी और बिजली चमकने के दौरान पेड़ों, बिजली के खंभों और कमजोर इमारतों के पास खड़े होने से बचना चाहिए। खुले मैदानों में रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा करने से भी परहेज करना चाहिए।
कुल मिलाकर अक्टूबर के आखिरी दिनों में ही उत्तर भारत में सर्दियों की आहट तेज हो गई है। पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश ने मौसम को ठंडा कर दिया है। आने वाले दिनों में मौसम की स्थिति काफी हद तक बारिश और मौसमी प्रणालियों की दिशा पर निर्भर करेगी।


