पाकिस्तान में कश्मीर के मुद्दे पर अपनी राय रखने वाले ब्रिटिश काउंसलर दालत अली को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। पाकिस्तान की यात्रा पर पहुंचे ब्रिटेन के रोशडेल बरो काउंसिल के डिप्टी लीडर दालत अली को पहले इस्लामाबाद एयरपोर्ट पर कुछ समय के लिए हिरासत में लिया गया और बाद में लाहौर एयरपोर्ट पर ब्रिटेन लौटने वाली फ्लाइट में सवार होने से रोक दिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तानी अधिकारियों ने उन्हें बताया कि उनका नाम फेडरल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (FIA) की कंट्रोल लिस्ट में है। इस घटनाक्रम के बाद ब्रिटेन में भी उनकी सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
कौन हैं दालत अली?
दालत अली ब्रिटेन की लेबर पार्टी से जुड़े निर्वाचित पार्षद हैं। वह इंग्लैंड के ग्रेटर मैनचेस्टर क्षेत्र में स्थित रोशडेल बरो काउंसिल के डिप्टी लीडर हैं। वह किंग्सवे वार्ड का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसके अलावा उन्हें पहाड़ी भाषा के लेखक और कश्मीरी समुदाय के बीच सामाजिक-सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े व्यक्ति के रूप में भी जाना जाता है।
उनका मूल संबंध पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर के कोटली क्षेत्र से बताया जाता है। वह लंबे समय से ब्रिटेन में रह रहे हैं और कश्मीर से जुड़े मुद्दों पर अपनी राय रखते रहे हैं। अपनी लेखनी में उन्होंने पाकिस्तान के नियंत्रण वाले कश्मीर को लेकर भी आलोचनात्मक विचार व्यक्त किए हैं।
साहीवाल दौरे पर गए थे दालत अली
दालत अली रोशडेल के मेयर फैसल राणा के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल के साथ पाकिस्तान गए थे। इस प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य पंजाब प्रांत के साहीवाल शहर का दौरा करना था। रोशडेल और साहीवाल के बीच 1998 से सिस्टर सिटी संबंध हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, अक्टूबर के मध्य में इस्लामाबाद एयरपोर्ट पहुंचने पर पाकिस्तानी सुरक्षा अधिकारियों ने दालत अली से कई घंटे पूछताछ की थी। इसके बाद ब्रिटिश और पाकिस्तानी अधिकारियों के बीच संपर्क हुआ और उन्हें छोड़ दिया गया। वह प्रतिनिधिमंडल के साथ अपना निर्धारित दौरा जारी रखने में सफल रहे। Kashmir Times+1
लाहौर एयरपोर्ट पर फ्लाइट से उतारे जाने का आरोप
मामले ने 28 अक्टूबर को उस समय नया मोड़ लिया, जब दालत अली ब्रिटेन लौटने के लिए लाहौर एयरपोर्ट पहुंचे। रिपोर्टों के मुताबिक, उन्हें फ्लाइट में सवार होने से रोक दिया गया। अधिकारियों ने कथित तौर पर बताया कि उनका नाम FIA की कंट्रोल लिस्ट में दर्ज है।
इसके बाद उन्हें इस्लामाबाद जाकर अतिरिक्त कागजी औपचारिकताएं पूरी करने के लिए कहा गया। उनके मित्र और ब्रिटेन में रहने वाले कश्मीरी लेखक शम्स रहमान के मुताबिक, दालत अली ने संदेश भेजकर बताया कि वह हिरासत में नहीं हैं और औपचारिकताएं पूरी होने के बाद ब्रिटेन लौटने की उम्मीद कर रहे हैं।
ब्रिटेन सरकार ने क्या कहा?
रोशडेल बरो काउंसिल ने पुष्टि की है कि दालत अली को पाकिस्तान में कुछ समय के लिए हिरासत में रखा गया था। परिषद के अनुसार, यह कार्रवाई कश्मीर क्षेत्र से जुड़े उनके लंबे समय से चले आ रहे व्यक्तिगत अभियान से संबंधित हो सकती है।
वहीं ब्रिटेन के विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास कार्यालय (FCDO) ने भी एक व्यक्ति को हिरासत में लिए जाने और बाद में रिहा किए जाने की पुष्टि की है। कार्यालय ने कहा कि वह स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है। ब्रिटिश सांसद इमरान हुसैन ने भी इस मामले में मंत्रियों से हस्तक्षेप की मांग की है।
फिलहाल पाकिस्तान की ओर से दालत अली को रोके जाने का आधिकारिक कारण स्पष्ट नहीं किया गया है। यह भी साफ नहीं है कि उनकी ब्रिटेन वापसी में कितनी देरी होगी। ऐसे में यह मामला कश्मीर के मुद्दे पर अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और अंतरराष्ट्रीय नागरिक संबंधों को लेकर चर्चा में आ गया है।


