पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र के अंतिम दिन मंगलवार, 27 अक्टूबर को आम आदमी पार्टी (आप) और कांग्रेस के विधायकों के बीच विधानसभा परिसर के बाहर तीखी बहस हो गई। दोनों दलों के विधायक एक-दूसरे के सामने आ गए और मामला जुबानी जंग तक पहुंच गया। इस दौरान पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष परगट सिंह हाथ जोड़कर विवाद शांत कराने की कोशिश करते नजर आए। विधानसभा के बाहर हुए इस घटनाक्रम ने राज्य की राजनीति में बढ़ते टकराव को फिर चर्चा में ला दिया।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान आमने-सामने आए विधायक
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, विधानसभा परिसर की गैलरी में आम आदमी पार्टी के विधायक कुलदीप धारीवाल अन्य विधायकों के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे। इसी दौरान कांग्रेस के विधायक नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा के साथ वहां पहुंच गए। कांग्रेस विधायकों ने अपने प्लेकार्ड आगे कर दिए और अपनी बात रखने लगे। इस बीच प्रताप सिंह बाजवा और सुखपाल सिंह खैरा भी बोलने लगे।
दोनों दलों के नेताओं के एक ही जगह पर अपनी बात रखने से माहौल गरमा गया। देखते ही देखते आप और कांग्रेस के विधायकों के बीच बहसबाजी शुरू हो गई। इस दौरान नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला चला। स्थिति को संभालने के लिए परगट सिंह हाथ जोड़ते दिखाई दिए। हालांकि बहस के दौरान किसी शारीरिक झड़प की पुष्टि नहीं की गई है।
विशेष सत्र में पहले भी हुआ था हंगामा
पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र 22 अक्टूबर से शुरू हुआ था। सत्र के दौरान कानून-व्यवस्था, नशे के कारोबार, किसानों की समस्याओं और राज्य के अन्य मुद्दों को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार टकराव देखने को मिला।
इससे पहले कांग्रेस विधायकों ने नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या का मुद्दा उठाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान से इस्तीफे की मांग की थी। कांग्रेस ने राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सवाल उठाए थे और सरकार के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया था। पार्टी के नेताओं ने सरकार पर पंजाब के अहम मुद्दों का समाधान नहीं करने का आरोप लगाया था।
वहीं, आम आदमी पार्टी के नेताओं ने कांग्रेस के आरोपों का जवाब देते हुए विपक्ष के रुख पर सवाल उठाए थे। विधानसभा के भीतर भी दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी और तीखी बयानबाजी हुई थी। इससे सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई।
पानी के मुद्दे पर भी चर्चा का केंद्र रहा सत्र
विशेष सत्र के अंतिम दिन पंजाब के पानी से जुड़े मुद्दे भी राजनीतिक चर्चा के केंद्र में रहे। राज्य में जल संसाधनों, पानी के अधिकार और पड़ोसी राज्यों के साथ जुड़े सवाल लंबे समय से अहम राजनीतिक विषय रहे हैं। इन मुद्दों पर सरकार और विपक्ष के बीच अलग-अलग रुख देखने को मिलता रहा है।
ऐसे में सत्र के आखिरी दिन विधानसभा परिसर के बाहर आप और कांग्रेस विधायकों के बीच हुई बहस ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्लेकार्ड दिखाने और एक-दूसरे के सामने अपनी बात रखने से शुरू हुआ विवाद दोनों दलों के बीच जारी राजनीतिक खींचतान की एक और तस्वीर बन गया।
फिलहाल, इस घटनाक्रम में परगट सिंह के हाथ जोड़ने का दृश्य खास चर्चा में है। विधानसभा के भीतर और बाहर हुए टकराव ने एक बार फिर दिखाया कि पंजाब के राजनीतिक दलों के बीच प्रमुख मुद्दों को लेकर मतभेद कितने गहरे हैं।


