क्रिकेट की दुनिया में कभी अपनी धाक जमाने वाली वेस्टइंडीज टीम आज मैदान के बाहर आर्थिक चुनौतियों से जूझ रही है। दो बार वनडे विश्व कप और दो बार टी20 विश्व कप जीतने वाली कैरेबियाई टीम के मुख्य कोच डेरेन सैमी को अब क्रिकेट के भविष्य के लिए आर्थिक मदद की अपील करनी पड़ रही है। भारत के खिलाफ हालिया सीरीज में टीम के शानदार प्रदर्शन के बावजूद क्रिकेट वेस्टइंडीज की वित्तीय स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है।
सैमी को उम्मीद है कि भारतीय टीम के खिलाफ खिलाड़ियों के प्रदर्शन से प्रायोजकों और निवेशकों का ध्यान वेस्टइंडीज क्रिकेट की ओर आकर्षित होगा। उन्होंने भावुक अपील करते हुए कहा कि अब किसी को आर्थिक रूप से कैरेबियाई क्रिकेट का सहारा बनना होगा।
भारत दौरे पर वेस्टइंडीज ने वनडे और टी20 सीरीज में भारतीय टीम को कड़ी चुनौती दी। तीन मैचों की वनडे सीरीज में कैरेबियाई टीम को 1-2 से हार मिली, लेकिन पांच मैचों की टी20 सीरीज 2-2 से बराबर रही। बारिश के कारण अंतिम टी20 मुकाबला नहीं हो सका।
सैमी का मानना है कि विश्व क्रिकेट की मजबूत टीमों में शामिल भारत के खिलाफ इस तरह का प्रदर्शन वेस्टइंडीज के लिए प्रायोजकों और निवेशकों से बातचीत का बेहतर अवसर तैयार कर सकता है। उनके मुताबिक, टीम के खिलाड़ियों में आत्मविश्वास और जीतने की इच्छा दिखाई दे रही है।
खिलाड़ियों की फीस में भी हुई कटौती
वेस्टइंडीज क्रिकेट की आर्थिक परेशानियों का असर खिलाड़ियों पर भी पड़ा है। अक्टूबर 2026 में सामने आई जानकारी के अनुसार, क्रिकेट वेस्टइंडीज ने वित्तीय दबाव के चलते खिलाड़ियों की केंद्रीय अनुबंध वाली फीस में 25 प्रतिशत कटौती की है। बोर्ड के सामने खर्चों को नियंत्रित करने और क्रिकेट व्यवस्था को आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाए रखने की चुनौती है।
सैमी ने भी स्वीकार किया कि टीम को कई मुश्किलों के बीच प्रदर्शन करना पड़ता है। उन्होंने भारत और वेस्टइंडीज की क्रिकेट व्यवस्थाओं के अंतर की ओर इशारा करते हुए कहा कि भारत ने अपनी टीम को सफल बनाने के लिए जरूरी ढांचा और व्यवस्थाएं तैयार की हैं, जबकि वेस्टइंडीज को कई चुनौतियों के बावजूद मैदान पर अच्छा प्रदर्शन करना होता है।
आईसीसी के राजस्व मॉडल पर भी सवाल
वेस्टइंडीज क्रिकेट की आर्थिक स्थिति के पीछे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से होने वाली कमाई और राजस्व वितरण को लेकर भी बहस होती रही है। क्रिकेट वेस्टइंडीज के अधिकारियों ने द्विपक्षीय सीरीज से होने वाली आय के मौजूदा ढांचे पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मेजबान देश को प्रसारण और मैच आयोजन से होने वाली कमाई का लाभ मिलता है, जबकि मेहमान बोर्ड को वैसा प्रत्यक्ष आर्थिक फायदा नहीं मिलता। ऐसे में वेस्टइंडीज जैसे बोर्ड के लिए प्रायोजन, निवेश और आईसीसी से मिलने वाला राजस्व बेहद महत्वपूर्ण हो जाता है।
सैमी बोले- खिलाड़ियों में लौटा पुराना आत्मविश्वास
आर्थिक संकट के बीच सैमी ने खिलाड़ियों के प्रदर्शन पर संतोष जताया। उन्होंने कहा कि भारतीय टीम के खिलाफ खिलाड़ियों ने सकारात्मक सोच के साथ क्रिकेट खेला और टीम का पुराना आत्मविश्वास लौटता दिखाई दिया।
सैमी को उम्मीद है कि इस प्रदर्शन से प्रायोजकों के साथ बातचीत बेहतर होगी और निवेश मिलने पर क्रिकेट की पूरी व्यवस्था मजबूत की जा सकेगी। वेस्टइंडीज के सामने अब चुनौती केवल मैदान पर जीत हासिल करने की नहीं, बल्कि अपने क्रिकेट ढांचे को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने की भी है।


