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कोलकाता पंडाल भगदड़ में 19 की मौत, ग्वालियर में यमदूत बने ट्रक ने ली 12 श्रद्धालुओं की जान

दुर्गा पूजा और नवरात्र के उत्सव के बीच पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश से दो दर्दनाक हादसों की खबर सामने आई है। कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से कम से कम 19 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 लोग घायल हुए हैं। वहीं, मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर जा रहे श्रद्धालुओं को एक बेकाबू ट्रक ने कुचल दिया। इस हादसे में शुरुआती खबरों के मुताबिक 12 लोगों की मौत हुई और 29 लोग घायल हुए हैं। दोनों घटनाओं के बाद प्रशासन राहत और बचाव कार्य के साथ हादसों के कारणों की जांच में जुटा है।

कोलकाता में बारिश के बीच मची भगदड़

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के उत्तर हिस्से में स्थित चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में शनिवार, 17 अक्टूबर की शाम भगदड़ मच गई। घटना के समय पंडाल में श्रद्धालुओं और दर्शनार्थियों की भारी भीड़ मौजूद थी। शुरुआती रिपोर्टों के अनुसार, अचानक तेज बारिश होने के बाद लोग बचने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इसी दौरान भीड़ का दबाव बढ़ा और अफरा-तफरी में कई लोग गिर पड़े। इसके बाद भगदड़ जैसी स्थिति बन गई।

हादसे में कम से कम 19 लोगों की जान चली गई, जबकि 25 लोग घायल बताए गए हैं। घायलों को कोलकाता मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल, आरजी कर मेडिकल कॉलेज और एनआरएस मेडिकल कॉलेज सहित विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया। घटना के बाद पंडाल को बंद कर दिया गया और परिसर को जांच के लिए संबंधित एजेंसियों के हवाले कर दिया गया।

धारा 163 लागू, आयोजकों से पूछताछ

हादसे के बाद प्रशासन ने भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। बऊबाजार के कुछ इलाकों में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू किए जाने की खबर है। इसका उद्देश्य संवेदनशील इलाकों में भीड़ जुटने और किसी अप्रिय स्थिति को रोकना है।

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने घटना पर दुख जताते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। मामले की जांच के लिए कलकत्ता हाईकोर्ट के न्यायाधीश की अगुवाई में विशेष जांच दल गठित करने की घोषणा की गई है। पुलिस ने पूजा आयोजन समिति से जुड़े लोगों, निजी सुरक्षा कर्मियों और ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों से पूछताछ शुरू की है। घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज भी जांचे जा रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि भीड़ नियंत्रण में कहां चूक हुई।

ग्वालियर में बेकाबू ट्रक ने श्रद्धालुओं को रौंदा

मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास रविवार, 18 अक्टूबर की रात एक भीषण सड़क हादसा हुआ। मंदिर में दर्शन करने जा रहे श्रद्धालुओं को धान से लदे ट्रक ने कुचल दिया। हादसा इतना गंभीर था कि मौके पर चीख-पुकार मच गई और कई लोग ट्रक की चपेट में आ गए।

पुलिस के मुताबिक, दुर्घटना रात करीब 1:30 बजे हुई। छिनोर की ओर से आ रहा ट्रक ढलान वाले रास्ते पर अचानक अनियंत्रित हो गया। इस मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित थी। बताया गया कि ट्रक पुलिस बैरिकेड तोड़ते हुए आगे बढ़ा और सड़क पर मौजूद श्रद्धालुओं को कुचलने के बाद मंदिर के प्रवेश द्वार तथा बाहरी दीवार से जा टकराया। टक्कर से प्रवेश द्वार का एक हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया।

प्रारंभिक रिपोर्टों में 12 लोगों की मौत और 29 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है। कुछ रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 13 बताई गई है। घायलों में कई की हालत गंभीर है। हादसे में ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।

हादसे की वजह की जांच शुरू

ग्वालियर पुलिस दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है। शुरुआती जांच में ट्रक में तकनीकी खराबी आने की आशंका जताई गई है। हालांकि, हादसे की वास्तविक वजह विस्तृत जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि प्रतिबंधित मार्ग पर ट्रक बैरिकेड पार कर मंदिर के पास तक कैसे पहुंचा।

दोनों घटनाओं ने धार्मिक आयोजनों के दौरान सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कोलकाता में बारिश के बीच भीड़ का दबाव हादसे की वजह बना, जबकि ग्वालियर में भारी वाहन के अनियंत्रित होने से श्रद्धालुओं की जान चली गई। प्रशासन के सामने अब घायलों के उपचार, पीड़ित परिवारों की सहायता और सुरक्षा व्यवस्था में संभावित चूक की जवाबदेही तय करने की चुनौती है।

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