2007 के फार्मूले के जरिए क्या बीएसपी को फिर मिलेगा सत्ता का ताज!

उत्तर प्रदेश में 2022 में होने जा रहे विधानसभा चुनाव को लेकर बसपा सुप्रीमो मायावती ने 2007 का फार्मूला अपनाने का निर्णय ले लिया है यह वह फार्मूला है जिसके सहारे 2007 में यूपी की 403 सीटों में से 206 सीटों पर जीत दर्ज करके सत्ता पर अपना कब्जा जमाया था इस दौरान बीएसपी को 30% वोट मिले थे जाहिर सी बात है उत्तर प्रदेश की राजनीति में जातिगत रूप से चुनावी समीकरण गढ़े जाते हैं इन्हीं चुनावी समीकरणों के जरिए ही सत्ता की कुर्सी मिलती है तो बस अब 2022 में भी इसी जातिगत गणित को तैयार करके बसपा आगे बढ़ रही है इस बार बसपा सुप्रीमो मायावती ने ब्राम्हण कार्ड खेला है जो ठीक 2007 के जैसा ही है जब मायावती ने उस दौरान ब्राह्मण वोट बैंक को देखते हुए ब्राह्मणों को टिकट में तव्वजो दी थी और उसके परिणाम अच्छे आए थे तो इस बार भी अब सियासी दांव खेलना मायावती ने शुरू कर दिया है और इसकी शुरुआत 23 जुलाई से होने जा रही है जब बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा की अगुवाई में अयोध्या से ब्राह्मण सम्मेलन के आयोजन की शुरुआत होगी और फिर जिले जिले में इस तरह के ब्राह्मण सम्मेलन किए जाएंगे मायावती का 2022 चुनाव को लेकर यह सबसे बड़ा सियासी दांव है हमारे सूत्र बताते हैं कि मायावती इस दौरान 100 से ज्यादा ब्राह्मणों को टिकट दे सकती है यानी कि इस बार ब्राह्मण और दलित को साथ लेकर मायावती आगे बढ़ने वाली हैं और यही शायद उनके जीत का फार्मूला हो सकता है 14% ब्राम्हण ,20% दलित वोट बैंक के सहारे बीएसपी सत्ता की कुर्सी हथियाना चाहती है।

सतीश चंद्र मिश्रा होंगे ब्राह्मण फेस

बीएसपी के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा मायावती के फार्मूले पर आगे बढ़ेंगे वे उत्तर प्रदेश में ब्राह्मण फेस बन कर ब्राह्मण के संगठनों को जोड़ना शुरु कर चुके हैं और सीधी सी बात है संगठन के जरिए टिकट का ऑफर भी ऐसे प्रभुत्व वाले ब्राह्मण को दिए जाएंगे जो कि समाज में बहुजन समाजवादी पार्टी के विचारधारा को आगे बढ़ाते रहे हो जाहिर सी बात है इस फार्मूले में उन विधानसभा सीटों का चयन किया जा रहा है जहां पर ब्राह्मण वोट बैंक अधिक है साथ ही दूसरे नंबर पर दलितों की संख्या है यानी कि बीजेपी और सपा को टक्कर देने के लिए वहां पर पूरी कोशिश की जाएगी कि दलितों ब्राम्हण वोट बैंक सीधे-सीधे बीएसपी के खाते में आए और यही उस उम्मीदवार की जीत के लिए भी बेहतर होगा बस इसी फार्मूले को लेकर तेजी से अब बीएसपी आगे बढ़ती जा रही है उम्मीद की जा रही है कि फार्मूला बीएसपी के लिए बेहतर हो सकता है।

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