ग्रेग चैपल के लिए क्या थी भारतीय खिलाड़ियों की राय,जानिए

Liberal Sports Desk: भारत के पूर्व में कोच रहे ग्रेग चैपल और भारतीय खिलाड़ियों के बीच के विवाद और बयान बाजी किसी से भी छुपी हुई नहीं है।ग्रेग चैपल और भारतीय खिलाड़ियों के बीच उस दौर में विवाद देखा गया है चाहे वह सौरव गांगुली और ग्रेग चैपल का विवाद हो या हरभजन सिंह को लेकर या फिर भारतीय खिलाड़ियों को ग्रेग चैपल को लेकर,ग्रेग चैपल का कोचिंग करियर भारतीय टीम के लिहाज से विवादों से घिरा हुआ रहा है।आज इस आर्टिकल में हम आपको यह बताएंगे कि ग्रेग चैपल के प्रति भारतीय टीम के खिलाड़ियों की क्या सोच थी और क्यों ग्रेग चैपल भारतीय टीम की कोचिंग के दौरान विवादों में घिरे रहे।

मई 2005 में टीम इंडिया के कोच बने थे ग्रेग चैपल

भारत के कोच रहे जॉन राइट के कार्यकाल खत्म होने के बाद भारतीय टीम का नया कोच ग्रेग चैपल को मई 2005 में बनाया गया था। आपको बता दें ग्रेग चैपल को भारतीय टीम का कोच बनाने में सौरव गांगुली का बहुत बड़ा योगदान था 2004 में जॉन राइट के कार्यकाल खत्म होने के बाद नए कोच की भारतीय टीम को तलाश थी ऐसे में उस समय भारतीय कप्तान सौरव गांगुली ने डालमिया को ग्रेग चैपल को कोच बनाने के लिए नाम सुझाया था और कहीं ना कहीं सौरव गांगुली की क्रिकेट करियर की वह सबसे बड़ी गलती भी कही जा सकती है इस बात का जिक्र उन्होंने खुद अपनी किताब सेंचुरी इज नॉट इनफ किताब में उन्होंने इस बात का जिक्र भी किया था।

सुनील गावस्कर ने कहा था ग्रेग चैपल को कोच बनाने से पहले एक बार सोच लो

जब सौरव गांगुली ने ग्रेग चैपल को कोच बनाने के लिए नाम डालमिया को सुझाया था उस वक्त दिग्गज बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने सौरव गांगुली से कहा था कि एक बार ग्रेग चैपल को कोच बनाने से पहले जरूर सोच लो हमारे पास उनके भाई इयान चैपल के रूप में एक बेहतर विकल्प मौजूद है लेकिन सौरव गांगुली ने यह बात नहीं मानी।

चेप्पल के भारतीय टीम के कोच बनते ही खिलाड़ियों में होने लगे थे विवाद

भारतीय टीम का कोच बनते ही ग्रेग चैपल ने टीम के खिलाड़ियों में फूट भरना शुरू कर दी थी। खिलाड़ी टीम में अपनी जगह को लेकर भी इन सिक्योर रहते थे। भारतीय टीम में खुद सौरव गांगुली ने एक बयान दिया था जिसमें वह कह रहे थे कि उन्हें तो 2007 वर्ल्ड कप के पहले यह भी नहीं मालूम था कि वह टीम इंडिया का हिस्सा होंगे क्योंकि ग्रेग चैपल खिलाड़ियों में इतनी इनसिक्योरिटी भर देते थे कि किसी का भी स्थान टीम में तय नहीं था।

सौरव गांगुली ने ग्रेग चैपल को लेकर कहा था कि टीम इंडिया को ग्रेग चैपल ने पूरी तरह से डिस्ट्रॉय कर दिया था। उन्होंने कहा कि वह लगातार भारतीय टीम के लिए बेहतर प्रदर्शन कर रहे थे लेकिन उसके बाद भी उन्हें टीम से ड्रॉप किया गया।ग्रेग चैपल खिलाड़ियों को उनकी मजबूती से हटकर दूसरी चीजों पर ध्यान देने की बात कहते थे। जिससे खिलाड़ी अपना प्रदर्शन बेहतर नहीं कर पाता था।

हरभजन सिंह ने चैपल को लेकर कहा था कि वे एक अलग ही खेल खेल रहे थे

हरभजन सिंह ने ग्रेग चैपल को लेकर एक बयान दिया था कि वह महेंद्र सिंह धोनी को नीचे शॉट खेलने की सलाह देते थे उन्होंने कहा कि वे एक-एक करके हर खिलाड़ी को टीम से बाहर करवा रहे थे क्योंकि वह भारतीय टीम का कोच रहते हुए एक अलग खेल खेल रहे थे।

इरफान पठान का किया करियर खराब

2003-4 के भारत के ऑस्ट्रेलियाई दौरे में सौरव गांगुली की कप्तानी में इरफान पठान ने अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी। जब इरफान पठान ने अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी तो वह 140 की गति से गेंद डालते हुए नजर आते थे। उनकी गेंदें अंदर और बाहर दोनों तरफ स्विंग होती थी। इरफान पठान उस दौर के बल्लेबाजों के लिए काल बनकर उभर रहे थे। लेकिन फिर ग्रेग चैपल ने एक अपना ही खेल, खेल डाला।उन्होंने इरफान पठान को ऑल राउंडर बनाने का सोचा जिसके बाद इरफान पठान की गेंदबाजी में गिरावट देखने मिलने लगी।इरफान पठान जो भारतीय टीम के लिए 400 से अधिक विकेट ले सकते थे उनके करियर में गिरावट आने लगी उनकी गेंदबाजी लगभग खत्म होने लगी और इरफान पठान का क्रिकेटिंग करियर उतना प्रभावशाली नहीं हो पाया जितना कि वह क्रिकेटर प्रतिभावान थे।

सौरव गांगुली को हटाकर राहुल द्रविड़ को बनाना चाहते थे टीम इंडिया का कप्तान

कोच ग्रेग चैपल भारतीय कप्तान सौरव गांगुली को हटाकर राहुल द्रविड़ को टीम इंडिया का कप्तान बनाना चाहते थे और वह इसमें सफल भी हो गए उन्होंने राहुल द्रविड़ को टीम का कप्तान बनवा दिया जिसके बाद राहुल द्रविड़ के साथ भी खिलाड़ियों के मतभेदों की खबरें भी आने लगी सौरव गांगुली भारतीय टीम में आते थे तूने ऐसा लगता था जैसे वह एकदम नए खिलाड़ी हैं।

ग्रेग चैपल ने कई भारतीय क्रिकेट खिलाड़ियों के करियर चौपट कर दिए जो भारतीय खिलाड़ी टीम के लिए नाम कमा सकते थे।उन्होंने सौरव गांगुली को उस समय टीम से बाहर करवा दिया जब वह अपनी सर्वश्रेष्ठ फॉर्म में चल रहे थे।ग्रेग चैपल ने इरफान पठान व अन्य कई खिलाड़ियों का क्रिकेट करियर आगे नहीं बढ़ने दिया। चैपल की कोचिंग के दौरान टीम इंडिया का सबसे बुरा दौर भी कहा जा सकता है।

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