क्या टूटने वाला है भारतीय टीम का सबसे मजबूत मिडिल ऑर्डर!

Liberal Sports Desk : भारत और इंग्लैंड के बीच मौजूदा समय में पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेली जा रही है। इस वक्त भारत और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स के ऐतिहासिक मैदान पर टेस्ट सीरीज का दूसरा मुकाबला खेला जा रहा है और भारतीय टीम अभी औसत स्थिति में दिखाई दे रही है। लेकिन इस आर्टिकल में हम यह बात करने जा रहे हैं कि क्या भारतीय टीम का एक समय में सबसे मजबूत कहे जाने वाला सबसे मजबूत मिडिल आर्डर टूटने वाला हैं।

दरअसल भारतीय टीम के मिडिल ऑर्डर की रीढ़ कहे जाने वाले चेतेश्वर पुजारा विराट,विराट कोहली, और अजिंक्य रहाणे 2019 से अपनी उस लय में दिखाई नहीं दे रहे हैं जिसके लिए यह तीनों खिलाड़ी जाने जाते थे। 2014 का वह ऑस्ट्रेलियाई दौरा याद आता है जब भारतीय टीम अपने तीन विकेट जल्द खो बैठती थी और उसके बाद विराट कोहली और अजिंक्य रहाणे खूंटा गाड़ कर तेजी से रन बनाते जाते थे। भारतीय टीम को कई ऐसे अहम मौकों पर भारत के इस मिडिल आर्डर ने शानदार खेल दिखाया है। लेकिन 2019 से भारत के मिडिल ऑर्डर की हालत खस्ता नजर आ रही है। अब ऐसे में इस पर सवाल उठने लगे हैं कि जल्द ही यह मिडिल ऑर्डर टूट सकता है।

भारतीय मध्यक्रम बल्लेबाजी की रीढ़ कहे जाने वाले चेतेश्वर पुजारा विराट कोहली और अजिंक्य रहाणे के 2020 के बाद आंकड़ों की बात करें तो इन तीन दिग्गज खिलाड़ियों का टेस्ट औसत 30 से भी नीचे का है। चेतेश्वर पुजारा के 2020 के बाद टेस्ट औसत की बात करें तो उन्होंने 13 टेस्ट मैचों की 23 पारियों में 25.05 की साधारण औसत से 552 रन बनाए हैं।

वहीं अजिंक्य रहाणे की बात की जाए तो उनका भी कुछ हाल चेतेश्वर पुजारा जैसा ही है भारतीय टीम के उप कप्तान अजिंक्य रहाणे ने तीसरा टेस्ट मैच 2020 के बाद खेले हैं और उन्होंने 22 पारियों में 25.76 की औसत से 541 रन बनाए हैं।

वही विराट कोहली कि 2020 के बाद टेस्ट क्रिकेट की परफॉर्मेंस को देखा जाए तो उनका भी कुछ हाल बुरा ही है। विराट कोहली ने तो चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे से भी कम रन बनाए हैं। 2019 के बाद किसी भी फॉर्मेट में विराट के बल्ले से शतक नहीं आया है। भारतीय मध्यक्रम के लिहाज से यह दौर बेहद ही बुरा है

MUST READ