राजस्थान में राहुल गाँधी की पदयात्रा पहुँचने से पहले बवाल , पोस्टर को लेकर भिड़े गहलोत और पायलट के समर्थक

राजस्थान में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सचिन पायलट की तकरार को एकजुटता में तब्दील करने की कांग्रेस की कोशिश एक बार फिर नाकाम होते दिख रही है। राजस्थान में आज रविवार को राहुल गाँधी की अगुवाई वाली भारत जोड़ो प्रवेश करेगी।इससे पहले ही राजस्थान में पायलट और गहलोत समर्थको के बीच पोस्टर को लेकर जबरदस्त युद्ध छिड़ गया है।

दरअसल राजस्थान में भारत जोड़ो यात्रा के आगमन से पहले मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के समर्थको द्वारा झालावाड़ जिले में सचिन पायलट के पोस्टरों को बदलने की कोशिश के बाद अशोक गहलोत और सचिन पायलट के समर्थकों के बीच पोस्टर युद्ध छिड़ गया।यह घटना शनिवार को हुई थी। ऐसे में भारत जोड़ो यात्रा राज्य में शुरू होने से पहले ही कांग्रेस की खोखली एकजुटता खुलकर सामने आ गई है।

नाकाम हुई एकजुटता दिखाने की कोशिश

बता दें इससे कुछ दिनों पहले ही पार्टी के महासचिव केसी वेणुगोपाल ने 29 नवंबर को जयपुर में दोनों नेताओ के बीच एकजुटता दिखाने की कोशिश की थी। एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राज्य के वेणुगोपाल ने दोनों नेताओ का हाँथ एक साथ उठाया था। उन्होंने दावा किया था कि पार्टी राज्य में एकजुट है।हालाँकि अब इस पोस्टर वार से कांग्रेस खेमे की कलह सामने आ गई है।

भीड़ गए दोनों खेमे के समर्थक

दरअसल यह विवाद तब उठा जब पायलट तस्वीर वाले पोस्टरों को पसीसी द्वारा बदलने की कोशिश की गई। राजस्थान में भारत जोड़ो यात्रा के आगमन से कुछ दिन पहले दोनों गुटों के समर्थकों ने पोस्टर लगाना शुरू कर दिया था।पायलट समर्थकों ने जिले के प्रमुख स्थानों पर होर्डिंग्स के लिए भुगतान किया था, जहां से यात्रा को पार करना है। मामले में नया मोड़ तब आया जब पीसीसी समर्थकों की ओर से राहुल की यात्रा के बैनर और होर्डिंग लगाने के लिए ठेकेदार की टीम शनिवार को झालावाड़ पहुंची.

उन्होंने बिना पूर्व अनुमति के पायलट कार्यकर्ताओं द्वारा बुक किए गए प्रमुख स्थानों पर पीसीसी समर्थकों द्वारा जारी राहुल यात्रा के बैनर लगाने शुरू कर दिए। पायलट गुट के समर्थक मौके पर पहुंचे और महंगा रेट देकर साइट बुक करने की बात कहकर विरोध जताया।मौके पर पहुंची, पुलिस ने भी आपसी समझाइश के बाद मामले को शांत कराया जिसके बाद पायलट गुट के समर्थकों के विरोध को देखते हुए पीसीसी समर्थकों द्वारा भेजे गए होल्ड और बैनर वापस लेने पड़े.

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