उपेंद्र कुशवाहा का बयान और नीतीश की तिलमिलाहट , बिहार में क्या सच में कमजोर हो रही है JDU ?

बिहार के राजनीतिक अखाड़े में कब कौन किसे पछाड़ दे , यह शायद कोई भी नहीं जनता। एनडीए से किनारा कर नीतीश बाबू ने महागठबंधन का हाँथ थामा और एक बार फिर मुख्यमंत्री तो बन गए , लेकिन जेडीयू की मुश्किलें इससे भी कम नहीं हो पाई। इसकी बानगी तब देखने को मिली जब हालही में जेडीयू के संसदीय बोर्ड के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा का एक बयान आया।

उपेंद्र कुशवाहा के इस बयान से नीतीश कुमार पूरी तरह तिलमिला उठे। नीतीश का तिलमिलाना भी स्वाभाविक है। क्योंकि यह बयान ऐसे वक्त पर आया है जब कहीं न कहीं नीतीश कुमार को लेकर यह सुगबुगाहट है कि वे 2024 के लिए विपक्षी पीएम उम्मीदवार हो सकते हैं। लेकिन उपेंद्र कुशवाहा का यह बयान इन सुगबुगाहटों पर प्रहार करने वाला है। आखिर वो बयान क्या है , आइये बताते हैं।

दरअसल हालही में उपेंद्र कुशवाहा ने कहा था कि जब-जब नीतीश कुमार कमजोर हुए तो मैं उनके साथ खड़ा रहा हूं। मैंने अपनी पार्टी का विलय करके उनको ताकत दी। हालांकि, इन दिनों नीतीश जी कमजोर हुए हैं। जदयू लगातार कमजोर हो रहा है। इन दिनों मेरे ऊपर व्यक्तिगत प्रहार हो रहा है। उपेंद्र कुशवाहा ने कहा कि आजकल राजद के लोग एक डील की बात कर रहे हैं। हम उनसे इस डील के बारे में जानना चाहते हैं।

मैंने किसी को नहीं रोका

इस बयान के साथ ही उपेंद्र कुशवाहा के भाजपा में शामिल होने की अटकले भी तेज हो गई हैं। वहीं अब नीतीश कुमार ने इस बयान पर पलटवार करने की कोशिश की है। सीएम नीतीश कुमार ने बुधवार को कहा कि हमारी पार्टी कमजोर नहीं हुई है। ये झूठे आरोप हैं, लोगों को जो कुछ कहना है कहने दो। हमारी पार्टी का कोई भी व्यक्ति किसी अन्य पार्टी के संपर्क में नहीं है। मैंने किसी को नहीं रोका, नेता अपनी इच्छा से आ और जा सकते हैं.

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