यूपी के माफिया की योगी राज में दुर्दशा , 3 दिनों में दूसरी बार सुनाई गई 23 साल पुराने मामले में मुख्तार को सजा

उत्तरप्रदेश में कभी दबंगई से राज कर अवैध गतिविधियों को संचालित करने वाला मुख्तार अंसारी अब योगी राज में दुर्दशा की जिंदगी जी रहा है। पिछले 3 दिनों में दूसरी बार मुख्तार अंसारी को सजा सुनाई गई है। एक – एक कर तमाम मामलो में माफिया डॉन को अब सजा मुकर्रर की जा रही है। अब इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने गैंगस्टर एक्ट के तहत 23 साल पुराने एक मामले में भी माफिया मुख्तार अंसारी को दोषी करार दिया है ।

न्यायालय ने मुख़्तार अंसारी को पांच साल कारावास और पचास हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है । न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह की एकल पीठ ने यह निर्णय राज्य सरकार की अपील पर पारित किया है । यह मामला साल 1999 का है। इससे ठीक पहले जेलर को धमकाने के एक मामले में अंसारी को सजा सुनाई गई थी।

सरकारी वकील राव नरेंद्र सिंह के अनुसार राज्य सरकार ने मुख्तार को गैंगस्टर के इस मामले में ट्रायल कोर्ट द्वारा बरी किए जाने के आदेश को चुनौती दी थी । मामले की एफआईआर साल 1999 में थाना हजरतगंज में दर्ज की गई थी । बुधवार को लखनऊ पीठ ने मुख्तार को 2003 में जिला जेल , लखनऊ के जेलर को धमकाने के मामले में माफिया मुख्तार अंसारी को दोषी करार दिया जिसमें उसे सात साल की सजा और 37 हजार रुपये जुर्माने की सजा से दंडित किया है ।

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