वो खिलाड़ी जिससे ऑस्ट्रलियाई टीम भी डरती थी,जिसने क्रिकेट के लिए छोड़ी थी पुलिस की नॉकरी

Liberal Sports Desk : सधा हुआ एक्शन बेहद तेज रफ्तार और शानदार यॉर्कर यह पहचान उस तेज गेंदबाज की है जिससे एक दौर में आस्ट्रेलियाई टीम भी घबराती नजर आती थी यह पहचान उसके गेंदबाज की है जो रिचर्ड हेडली के बाद न्यूजीलैंड का सबसे बड़ा गेंदबाज माना जाता था। यह वो गेंदबाज था जिसे पुलिस की नौकरी रास नहीं आई और उसने क्रिकेट को चुना। हम इस आर्टिकल में बात कर रहे हैं न्यूजीलैंड के तेज गेंदबाज शेन बॉन्ड की जिसे अगर चोट ना लगी होती तो उस गेंदबाज का नाम भी ब्रेट ली मैग्राथ जैसे महान गेंदबाजों में शुमार होता।

1999 में पुलिस की नॉकरी छोड़ क्रिकेट की तरफ मोड़ा था रुख

शेन बांड ने अपना क्रिकेट करियर 1997 में घरेलू क्रिकेट से शुरू किया था लेकिन 1999 में उन्होंने क्रिकेट छोड़कर पुलिस की नौकरी शुरू कर दी थी लेकिन 1 साल के अंदर ही उन्होंने पुलिस की नौकरी छोड़ दी और फिर से उन्होंने क्रिकेट की ओर रुख कर लिया। शेन बांड फिर से घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करने लगे जिसे देखते हुए 22 नवंबर 2001 उन्हें ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेली जाने वाली टेस्ट सीरीज के लिए न्यूजीलैंड टीम में शामिल कर लिया क्या पहले टेस्ट मैच में उनका प्रदर्शन कोई खास नहीं रहा लेकिन शेन बांड घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करते रहे और उन्हें जनवरी 2001 में वनडे क्रिकेट में डेब्यू का मौका मिला और उस सीरीज में शेन बांड ने शानदार गेंदबाजी करते हुए ऑस्ट्रेलियाई टीम को पस्त कर दिया था।

2002 में ऑस्ट्रेलिया न्यूजीलैंड और साउथ अफ्रीका के बीच खेली गयी ट्राई सीरीज में शेन बांड का असली कहर ऑस्ट्रेलियाई टीम को देखने मिला। जब उस सीरीज के 9 मुकाबलों में शेन बांड ने 21 विकेट हासिल कर लिए। उस सीरीज में शेन बॉन्ड की गेंद रिकी पोंटिंग को भी दिखाई नहीं पड़ रही थी। उनकी रफ्तार इतनी तेज रहती थी कि रिकी पोंटिंग भी उस सीरीज में उनकी गेंदों से बचते दिखाई दिए। और पहली दफा शेन बांड ने ब्रेट ली शोएब अख्तर जैसे तेज गेंदबाजों के बीच अपनी एक अलग पहचान बनाई थी।

शेन बॉन्ड अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में तेज गेंदबाजी के बल पर अपनी पहचान बनाते हुए नजर आ रहे थे और इसका नजारा उन्होंने 2002 में न्यूजीलैंड आई भारतीय टीम को भी देखने मिला। जहां सचिन तेंदुलकर वीवीएस लक्ष्मण, वीरेंद्र सहवाग, सौरव गांगुली,और राहुल द्रविड़ जैसे दिग्गज बल्लेबाज भी शेन बांड की तेज रफ्तार गेंदों के सामने बेबस नजर आए। उस सीरीज में भारत के खिलाफ शेन बॉन्ड ने दो टेस्ट में 12 विकेट हासिल किए थे। और न्यूजीलैंड ने वो सीरीज शेन बॉन्ड की बदौलत 2 -0 से भारत को हराया था। और शेन बांड अब अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी तेज गेंदबाजी के दम पर स्थापित होते नजर आ रहे थे।

अब बारी थी 2003 विश्व कप की जहां ब्रेट ली शोएब अख्तर के साथ शेन बॉन्ड की टक्कर होने वाली थी। और शेन बॉन्ड ने इन दोनों ही तेज गेंदबाजों को जमकर चुनौती दी। जब अपनी तेज रफ्तार गेंदों से उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के विरुद्ध वर्ल्ड कप के मैच में 6 विकेट हासिल कर लिए। उस मैच में पोंटिंग मैथ्यू हेडन शेन बांड की गेंदों के सामने बेबस नजर आए थे। शेन बॉन्ड लगातार अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी तेज रफ्तार बाउंसर व यॉर्कर गेंदों से बड़े से बड़े बल्लेबाज को अपना शिकार बनाते नजर आ रहे थे।

रफ्तार कम ना करना पड़ने लगा था भारी

शेन बांड अपनी पीक पर थे और विश्व क्रिकेट में अपनी तेज रफ्तार गेंदों से बल्लेबाजों में खौफ पैदा करते नजर आ रहे थे। लेकिन तभी उन्हें मैच के दौरान चोट लग गई और उन्हें 2 साल क्रिकेट के मैदान से दूर होना पड़ा। जब शेन बॉन्ड ठीक हो गए तो कई दिग्गजों ने उन्हें यह सलाह दी कि यदि वह अपनी रफ्तार धीमी कर ले तो लंबे समय तक क्रिकेट खेल सकते हैं लेकिन शेन बॉन्ड का जुनून इस तरह का था कि उन्होंने अपनी रफ्तार से कोई समझौता नहीं किया और लगातार 150 से ऊपर की गति से गेंदबाजी करते गए। लेकिन फिर से शेन बांड को चोट लग गई और अब उन्हें यह लगने लगा कि चोट उनकी रफ्तार धीमी करके ही मानेगी।और फिर कुछ ऐसा ही हुआ। शेन बांड 2007 में लौटे उसके बाद भी उन्होंने 140 की गति से गेंद फेंकते रहे लेकिन बार-बार चोट से परेशान शेन बॉन्ड ने अपनी रफ्तार धीमी कर ली गिरावट कर ली।

आईसीएल से करार के बाद 2 साल के लिए होना पड़ा बैन

शेन बॉन्ड लगातार अपनी चोटों से जूझते नजर आ रहे थे लेकिन लगातार न्यूजीलैंड से खेल भी रहे थे न्यूजीलैंड उन्हें जो पेमेंट दे रहा था उन्हें पर्याप्त थी। लेकिन शेन बॉन्ड का कहना था कि न्यूजीलैंड जो सैलरी उन्हें दे रहा है उससे उनके भविष्य में वह पर्याप्त नहीं है। इसलिए उन्होंने 2008 में शुरू हुई इंडियन क्रिकेट लीग से करार कर लिया जिसके बाद ना चाहते हुए भी न्यूजीलैंड क्रिकेट बोर्ड को शेन बांड को उन्हें 2 साल के लिए बैन करना पड़ा।

शेन बॉन्ड के ऊपर लगे 2 साल के बैन के बाद फिर से शेन बॉन्ड न्यूजीलैंड टीम में वापस लौटे लेकिन इस बार शेन बॉन्ड लंबा नहीं खेल सके और 2010 में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट को अलविदा कह दिया। एक ऐसा गेंदबाज जो यदि चोट से नहीं जूझता तो ब्रेट ली और मैकग्राथ के स्तर का खिलाड़ी बनता।शेन बॉन्ड ने अपने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट करियर के दौरान न्यूजीलैंड के लिए 18 टेस्ट मैच खेलते हुए 87 टेस्ट विकेट हासिल किए तो वही उन्होंने एकदिवसीय क्रिकेट में 82 वनडे खेलते हुए 147 विकेट हासिल किए। शेन बॉन्ड ने न्यूजीलैंड के लिए 20 टी 20 मुकाबले खेलते हुए 25 विकेट भी हासिल किए।

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