देश में कभी मिलती थी सिगरेट पहुंचाने के लिए असिस्टेंट की सरकारी नौकरी ,पीएम मोदी ने खुद साझा की थी ये बात

देश में आज बेरोजगारी का मुद्दा उबाल मार रहा है। जहाँ एक ओर बढ़ती हुई महंगाई आम आदमी की जेब खाली कर रही है तो वहीँ रोजगार की तलाश में देश के युवा दर दर भटकने को मजबूर हैं। हालही में CMIE द्वारा रिपोर्ट में बताया गया कि देश में अगस्त के महीने में लगभग 15 लोग बेरोजगार हो गए। इस रिपोर्ट के बाद से ही देश में बढ़ती हुई बेरोजगारी का मुद्दा सुखियाँ बटोरने लगा है। जहाँ निजी क्षेत्र में लोग अपनी नौकरियों से हाँथ धो रहे हैं तो वहीँ सरकारी नौकरियों में भी बेरोजगारों को निराशा ही हाँथ लग रही है।सरकारी नौकरी में आलम यह है कि एक चतुर्थ श्रेणी के पद के लिए भी पीएचडी धारक आवदेन कर रहे हैं। लेकिन इन तमाम मुद्दों से अलग बात करें देश में 60 के दशक की तो आप भी जानकार हैरान हो जायेंगे की कभी देश में सिगरेट लाने और ले जाने के लिए असिस्टेंट पद की सरकारी नौकरी मिलती थी। ये किस्सा खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साझा किया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया था कि यह घटना उन्होंने किसी से सुनी थी जो लगभग 40 -50 साल पुरानी बात है। घटना का जिक्र करते हुए पीएम ने कहा कि 60 के दशक में तमिलनाडु में राज्य के कर्मचारियों का वेतन बढ़ाने के लिए कमीशन का गठन किया गया था। उस कमेटी के चेयरमैन के पास तब एक लिफाफा आया हुआ था जिसपर लिखा हुआ था टॉप सीक्रेट। जब उस लिफाफे को खोला गया तो उसमे एक आवेदन मिला जिसमे लिखा हुआ था कि मैं बहुत साल से सिस्टम में ईमानदारी से काम कर रहा हूँ लेकिन मेरी वेतन नहीं बढ़ रही है ,मेरी वेतन बढ़ाई जाए।

इसके बाद चेयरमैन ने उस व्यक्ति को चिट्ठी लिखकर पूछा कि तुम हो कौन और तुम्हारा पद क्या है ? इसके जवाब में व्यक्ति ने लिखा कि मैं सरकार में जो मुख्य सचिव का कार्यालय है वहां सीसीए के पद पर बैठा हूं। ऐसे में चेयरमैन हैरान हो गए कि यह सीसीए का पद क्या होता है इसके बारे में किसी को जानकारी नहीं थी। चेयरमैन ने वापस उस व्यक्ति को पत्र लिखो और पूछा ये सीसीए क्या होता है हमें बताओ इसके बारे में कोई जानकारी नहीं है। पहले तो व्यक्ति ने जानकारी बताने से मना किया कि मैं बंधा हुआ हूं 1975 के बाद बताऊंगा लेकिन कमेटी के चेयरमैन के कहने पर व्यक्ति ने दोबारा चिट्ठी लिखकर सीसीए के बारे में जानकारी दें।

व्यक्ति ने चिट्ठी में बताया कि मैं सीसीए के पद पर कई वर्षों से काम कर रहा हूं और मुख्य सचिव के कार्यालय में पदस्थ हूं सीसीए का मतलब होता है चर्चिल सिगार असिस्टेंट। व्यक्ति ने बताया कि 1940 में जब चर्चिल ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बने थे तब हमारे यहाँ से उनके लिए सिगार जाती थी और यह CCA की जिम्मेदारी थी कि इस बात की चिंता करना कि सिगार सही ढंग से पहुंची या नही। पीएम मोदी ने किस्सा सुनाते हुए कहा कि देश तो आजाद हो गए लेकिन आजादी के बाद भी मुख्य सचिव के कार्यालय में यह पद बना रहा। पीएम मोदी ने यह किसका उस वक्त व्यवस्थाओं में बदलाव के उदाहरण को देते हुए बताया था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सिगरेट लाने ले जाने की इस नौकरी का किस्सा लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान सुनाया था। तब पीएम मोदी द्वारा बताये गए इस किस्से ने जमकर सुर्खियां बटोरी थी वहीँ देश में आज बढ़ती बेरोजगारी के हालातो के बीच एक बार फिर लोग इस किस्से को याद कर रहे हैं।

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