मेजर ध्यानचंद के नाम पर खेल रत्न पुरस्कार दिए जाने के सरकार के फैसले को कांग्रेस सांसद ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण,कहा – यह सरकार भगवाकरण ..

केंद्र सरकार ने देश के सर्वोत्तम खेल सम्मान अवार्ड राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार का नाम बदलकर हॉकी के महान खिलाड़ी मेजर ध्यानचंद के नाम पर देने का फैसला शुक्रवार को किया प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खुद इसकी जानकारी ट्वीट का साझा की लेकिन अब सरकार के इस फैसले पर सियासत भी शुरू हो गई है कांग्रेस के सांसद ने इस फैसले को दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।

राजीव गांधी खेल रत्न अवार्ड का नाम बदलकर मेजर ध्यानचंद के नाम पर किए जाने के फैसले पर कांग्रेस सांसद ने ऐतराज जताया है।कांग्रेस के केरल से सांसद के सुरेश ने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताया। के सुरेश ने नाम बदलने पर कहा कि यह दुर्भाग्य की बात है ।राजीव गांधी प्रधानमंत्री थे उन्होंने 21वी सदी में देश का नेतृत्व किया उन्होंने खेल को युवाओं को प्रोत्साहित किया ,यह सरकार भगवाकरण करना चाहती है और इसलिए उन्होंने दूसरा नाम दिया।

बता दें कि खेल रत्न पुरस्कारों की शुरुआत 1991 -92 में की गई थी । विभिन्न खेलों में बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को यह पुरस्कार दिया जाता है। शतरंज के महान खिलाड़ी विश्वनाथन आनंद को पहली बार खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इसके साथ ही देश के कई महान खिलाड़ियों को इस पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है जिसमें सचिन तेंदुलकर धनराज पिल्ले मेरी कॉम और अभिनव बिंद्रा जैसे खिलाड़ी शामिल है।

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