भारतीय टीम का वो कप्तान जिसने पूरा किया था क्रिकेट के भगवान का सपना

साल 1983 में जब भारतीय टीम के महान ऑलराउंडर खिलाड़ी कपिल देव ने भारतीय टीम को 1983 में विश्व कप दिलाया था उसके बाद क्रिकेट में एक अलग ही ललक भारती फैंस में दिखाई देने लगी थी। क्योंकि भारतीय टीम ने उस वक्त की सबसे धाकड़ टीम को हराकर विश्वकप का खिताब अपने नाम किया था। लेकिन उसके बाद समय बीतता रहा और देखते-देखते 28 वर्ष बीत चुके थे और भारतीय टीम आज भी केवल एक विश्व ही अपने नाम कर सकी थी। उसके बाद साल 2004 में एक ऐसा खिलाड़ी भारतीय टीम में एंट्री करता हैं जिसने भारतीय क्रिकेट की दशा और दिशा को बदल कर रख दिया। इस खिलाड़ी ने न केवल भारतीय टीम को एक-एक करके आईसीसी की ट्रॉफियां जिताना शुरू कर दी बल्कि विश्व क्रिकेट में भारतीय टीम का एक अलग ही नाम इस खिलाड़ी की बदौलत बनता गया। आज हम उस खिलाड़ी के बारे में बताने जा रहे हैं और वह खिलाड़ी कोई और नहीं बल्कि भारतीय टीम के सबसे सफल कप्तानों में से एक महेंद्र सिंह धोनी है। जो आज अपना 41वा जन्म दिवस मना रहे हैं।

साल 2004 में किया डेब्यू और 2007 में जिता दिया भारत को टी-20 विश्व कप

भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने साल 2004 में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में डेब्यू किया था। लंबे बालों वाला यह खिलाड़ी अपने शुरुआती दिनों में आक्रामक बल्लेबाजी के लिए जाना जाता था क्योंकि यह खिलाड़ी इतना आक्रमक था की पहली गेंद से ही किसी भी गेंदबाज को छक्के लगाने की काबिलियत रखता था। उनकी यही काबिलियत को देखकर भारतीय टीम के उस वक्त कप्तान रहे सौरव गांगुली ने इस खिलाड़ी को पाकिस्तान के विरुद्ध नंबर 3 पर भेज दिया और वह दिन था जब इस खिलाड़ी ने विश्व क्रिकेट को अपनी काबिलियत के बारे में बताया था। समय बीतता गया और देखते ही देखते महेंद्र सिंह धोनी को कप्तानी भी दे दी गई।

साल 2007 में दक्षिण अफ्रीका में t20 विश्व कप होना था राहुल द्रविड़ और टीम इंडिया के बड़े खिलाड़ी इस विश्व कप से पीछे हट चुके थे। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही था कि आखिर किस खिलाड़ी को कप्तानी दी जाए क्योंकि टी 20 फॉर्मेट हर खिलाड़ी के लिए बेहद नया था। उस वक्त भारतीय टीम के चयनकर्ता दिलीप वेंगसरकर ने महेंद्र सिंह धोनी को कप्तान बनाने का फैसला किया और दिलीप वेंगसरकर का यह फैसला आज इतिहास बना गया है। क्योंकि महेंद्र सिंह धोनी ने सबसे पहले भारत को 2007 का T20 विश्व कप जिताया उसके बाद क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर का विश्व कप जीतने का सपना भी धोनी की कप्तानी में ही पूरा हुआ। सचिन तेंदुलकर ने क्रिकेट में 24 साल तक क्रिकेट खेला है और उनका विश्वकप जीतने का सपना कोई भी कप्तान पूरा नहीं कर पा रहा था लेकिन महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में वह सपना पूरा हो गया था।

t20 विश्व कप, वनडे विश्व कप, चैंपियंस ट्रॉफी, माही के खजाने में सब कुछ है मौजूद

कप्तान के तौर पर हर कप्तान का सपना रहता है कि वह जहां भी मौका मिले वह उस मौके को पूरी तरह से लपक ले और महेंद्र सिंह धोनी ने इन सभी मौकों को अच्छी तरह से भुनाया। 2007 का T20 विश्व कप 2011 वनडे विश्व कप और उसके बाद 2013 में इंग्लैंड में जाकर चैंपियंस ट्रॉफी का खिताब जीतना यह वह उपलब्धियां है जो महेंद्र सिंह धोनी के बाद अभी भी कोई भी कप्तान भारतीय क्रिकेट का नहीं पूरा कर पाया है।

महेंद्र सिंह धोनी ने अपनी कप्तानी में भारतीय क्रिकेट को वह हर उपलब्धियां दिलाई है जिसके लिए भारतीय क्रिकेटर जाना जाता है। 2013 में महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में भारतीय टीम ने आखिरी बार कोई भी आईसीसी इवेंट अपने नाम किया था उसके बाद लगभग 10 साल पूरे हो गए हैं लेकिन भारतीय क्रिकेट टीम एक भी आईसीसी ट्रॉफी अपने नाम नहीं कर सकी।

बतौर कप्तान तो महेंद्र सिंह धोनी ने हर उपलब्धियां हासिल की लेकिन बतौर खिलाड़ी ने महेंद्र सिंह धोनी के नाम बेहद बड़े रिकॉर्ड दर्ज है। महेंद्र सिंह धोनी ने वनडे क्रिकेट में 10,000 से ऊपर रन बनाए हैं तो वही टेस्ट क्रिकेट में भी वह एक शानदार खिलाड़ी रहे हैं। टेस्ट क्रिकेट और कप्तान महेंद्र सिंह धोनी के नाम इतने दिलचस्प रिकॉर्ड नहीं है लेकिन वह एक शानदार खिलाड़ी हर फॉर्मेट में थे इसमें कोई दो राय नहीं है।

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