वो पल जब निर्मला सीतारमण ने किया था कुछ ऐसा ,की आम लोगो के साथ कांग्रेसी नेताओं का भी जीत लिया था दिल

भारत की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज अपना 62 वा जन्मदिन मना रही हैं देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर भाजपा के दिग्गज नेताओं ने उन्हें जन्मदिन की बधाई दी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को जन्मदिन की बधाई देते हुए कहा की वह भारतीय अर्थव्यवस्था को बदलने और एक आत्मानिर्भर भारत के सपने को पूरा करने के उद्देश्य से अग्रणी सुधारों में सबसे आगे हैं। उनके लंबे और स्वस्थ जीवन की प्रार्थना करता हूं। इसके साथ ही गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा के सभी दिग्गज नेताओं ने वित्त मंत्री को जन्मदिन की शुभकामनाएं दी।

18 अगस्त 1959 को तमिलनाडु में जन्मी निर्मला सीतारमण भारतीय राजनीति में एक बड़ा नाम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा जब सितंबर 2017 में कैबिनेट का विस्तार किया गया तो एक ऐसा नाम सामने आया जिसको सुनकर पूरा देश हैरान हो गया यह नाम था निर्मला सीतारमण का और हैरानी की बात यह थी कि मोदी सरकार ने इन्हें रक्षा मंत्रालय की कमान सौंप दी थी। भारतीय राजनीति के इतिहास में रक्षा मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार संभालने वाली निर्मला सीतारमण भारत की पहली महिला हैं। तब से ही निर्मला सीतारमण पूरे भारत में एक अलग छवि की महिला के रूप में देखी जाने लगी वर्तमान में वे भारत सरकार में वित्त मंत्रालय संभाल रही है और देश की अर्थव्यवस्था को बेहतर करने के प्रयासों में जुटी हुई है लेकिन सिर्फ सियासत ही नहीं है जिसमें निर्मला सीतारमण जानी जाती हैं सियासत से हटकर देखें तो निर्मला सीतारमण का वह किस्सा याद आता जब निर्मला सीतारमण के व्यवहार ने ना केवल आम जनता का दिल जीता था बल्कि अपनी विपक्षी पार्टी कांग्रेस के नेताओं का भी दिल छू लिया था।

साल 2019 का वो दौर जब देश में लोकसभा चुनाव की गर्माहट जोरों पर थी भाजपा और कांग्रेस सियासी मैदान में एक दूसरे से लड़ाई लड़ रहे थे बयानबाजी का सिलसिला जारी था। चुनावी रंग ऐसा था कि भाजपा और कांग्रेस के नेता एक दूसरे के खिलाफ आरोपों की बाढ़ लगा रहे थे बयानों का ऐसा दौर था कि नेताओं के विरुद्ध चुनाव आयोग तक को संज्ञान लेना पड़ रहा था लेकिन इस चुनावी गर्माहट के बीच निर्मला सीतारमण ने कुछ ऐसा किया था कि कांग्रेस नेता भी उनके मुरीद हो गए थे।

वाक्य तक का है जब कॉन्ग्रेस कांग्रेस के दिग्गज नेता और सांसद शशि थरूर 2019 में लोकसभा चुनाव प्रचार के दौरान घायल हो गए थे ।शशि थरूर बुरी तरह जख्मी हो गए थे यहां तक की उनके सिर पर छह टांके लगाए गए थे वे अस्पताल में भर्ती थे। तिरुअनंतपुरम के एक मंदिर में एक रस्म के दौरान शशि थरूर तराजू पर बैठे हुए थे और तराजू की डोर टूट गई जिसके चलते वे जमीन में गिर गए और बुरी तरह जख्मी हो गए। जख्मी शशि थरूर अस्पताल में इलाज करा रहे थे लेकिन तभी कुछ ऐसा हुआ जिसकी कल्पना शायद कभी शशि थरूर ने भी नहीं की थी।

अस्पताल में घायल शशि थरूर का जैसे ही निर्मला सीतारमण को पता लगा पार्टी में किसी को बताए बिना ही निर्मला सीतारमण तुरंत ही अस्पताल पहुंच गई अस्पताल में पहुंचकर निर्मला सीतारमण ने शशि थरूर का हाल जाना और उनके जल्दी स्वस्थ होने की कामना की। यह माहौल तब ऐसा था जब भाजपा कांग्रेस एक दूसरे के खिलाफ खड़े हुए थे चुनावी प्रचार प्रसार जोरों पर था ऐसे व्यस्ततम माहौल में जब निर्मला सीतारमण शशि थरूर को देखने पहुंचे तो शशि थरूर भी भावुक हो उठे। निर्मला सीतारमण की मुलाकात की तस्वीर ट्विटर पर साझा करते हुए शशि थरूर ने लिखा था कि निर्मला सीतारमण के व्यवहार से में अभिभूत हूं जो केरल के चुनाव के व्यस्त कार्यक्रम से समय निकालकर अस्पताल में मुझसे मिलने आई भारत की सियासत में शिष्टाचार एक दुर्लभ गुण है उन्हें ऐसा उदाहरण पेश करते हुए देख कर अच्छा लगा। वही निर्मला सीतारमण ने कहा था कि मुझे जानकारी मिली कि शशि थरूर पूजा करने के दौरान जख्मी हो गए हैं इसलिए मैंने सोचा कि मुझे जाना चाहिए और उन्हें स्वस्थ होने की कामना करनी चाहिए इसलिए मैं पार्टी को बिना बताए ही उनसे मिलने सीधा अस्पताल पहुंच गयी।

सियासत में अक्सर सत्ता हासिल करने के लिए नेता क्या कुछ नहीं कर गुजरते हैं आरोप-प्रत्यारोप का दौर चलता है एक दूसरे के विरुद्ध खुलकर लड़ाई की जाती है लेकिन जब ऐसी तस्वीरें निकल कर सामने आती हैं तो लोकतंत्र की दीवारें को भी मजबूती मिलती है। निर्मला सीतारमण के इस व्यवहार ने तब न केवल कांग्रेस नेता शशि थरूर बल्कि देशवासियों का भी दिल जीत लिया था।

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