Summer Solstice 2021: आज है साल का सबसे लंबा दिन, जानें इसके बारे में रोचक तथ्य

उत्तरी गोलार्ध में आज 21 जून साल का सबसे लंबा दिन होगा। इसे गर्मी का पहला दिन कहा जाता है। अंग्रेजी में इसे ग्रीष्म संक्रांति कहते हैं। इस दिन रात भी छोटी होती है। संक्रांति शब्द लैटिन शब्द “सोल” से लिया गया है जिसका अर्थ है सूर्य और शब्द सेस्टर जिसका अर्थ है स्थिर रहना। यह दिन हर साल 20 से 22 जून के बीच पड़ता है।

ग्रीष्म संक्रांति को मिडसमर, ग्रीष्म का पहला दिन, जून संक्रांति (उत्तरी गोलाबारी में) और वर्ष का सबसे लंबा दिन भी कहा जाता है। यह संक्रांति वर्ष में दो बार आती है। यह एक बार उत्तरी गोलिसफायर में 20-22 जून के बीच और एक बार दक्षिणी गोलिसफायर में 20-23 दिसंबर के बीच होता है। गौरतलब है कि इस बार इस दिन अंतरराष्ट्रीय योग दिवस भी मनाया जा रहा है।

ग्रीष्म संक्रांति में, सूर्य कर्क रेखा के ठीक ऊपर होता है और शीतकालीन संक्रांति में यह मकर रेखा के ऊपर होता है। मिडसमर समारोह भी कई यूरोपीय देशों में पास के उत्तरी गोल्फरों में आयोजित किए जाते हैं। वहीं, दक्षिणी गोल्फरों के देशों में इसे सर्दियों की शुरुआत माना जाता है और इसे शीतकालीन संक्रांति के रूप में मनाया जाता है। एक और रोचक तथ्य ग्रीष्म संक्रांति से जुड़ा है। इस दिन आर्कटिक में सूरज पूरी तरह से अस्त नहीं होता यानी 24 घंटे तक अंधेरा नहीं रहता और सूरज दिखाई देता है।

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