खेलो के सबसे बड़े महाकुम्भ ओलंपिक में सबसे कम आबादी के साथ पदक जीतने वाला देश बना सैन मैरिनो

खेलों के सबसे बड़े महाकुंभ यानी कि ओलंपिक में दुनियाभर के देश खेल रहे हैं। इसमें ऐसे देश भी शामिल है जहां की जनसंख्या 100 करोड़ से भी अधिक है जिसमें भारत और चीन सम्मिलित है। तो कई देश ऐसे भी हैं जिनकी जनसंख्या एक लाख भी नहीं है लेकिन ओलंपिक के इस खेल में अपना जौहर दिखाने के लिए कूद पड़े हैं और शानदार प्रदर्शन भी कर रहे हैं।
हम बात कर रहे हैं एक ऐसे देश की जहां जनसंख्या तो सबसे कम है लेकिन खेल में प्रतिभा बिल्कुल भी कम नहीं है इसका उदाहरण हमें टोक्यो ओलंपिक 2020 में देखने मिला जहां इस देश के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया आमतौर पर यह कहा जाता है कि जिस देश की जनसंख्या अधिक होगी खिलाड़ी भी वहां से अधिक निकलेंगे और बेहतर प्रदर्शन करेंगे लेकिन इस देश के खिलाड़ियों ने इस बात को गलत साबित कर दिया है और यह बता दिया है कि प्रतिभा का जनसंख्या से कोई आकलन नहीं होता।

ओलंपिक खेलों में सबसे कम आबादी वाले यूरोपीय देश सैन मैरिनो ने इतिहास मैं अपना नाम दर्ज करा लिया है। 61 साल के लंबे इंतजार के बाद जैसे ही सैन मैरिनो के खिलाड़ी ने टोक्यो ओलंपिक में पहला पदक जीता सैन मैरिनो ओलंपिक में सबसे कम आबादी के साथ पदक जीतने वाला देश बन गया। टोक्यो ओलंपिक की निशानेबाजी ट्रैप प्रतियोगिता में सैन मैरिनो की एलिसांड्रा पिरेली ने अपने देश के लिए पहला पदक जीतकर यह इतिहास बनाया। बता दे कि मात्र 61 किलो मीटर वर्ग फुट में फैले देश सैन मैरिनो की आबादी लगभग 33 हजार है।इससे पहले यह रिकॉर्ड बरमूडा के पास था जिसकी आबादी 70 हजार है।टोक्यो ओलंपिक में सबसे कम आबादी वाला यह देश अब तक कुल 3 पदक जीत चुका है जिसमें दो ब्रॉन्ज़ और एक सिल्वर शामिल है।

निशानेबाजी और रेसलिंग में जीते पदक

टोक्यो ओलंपिक के अपने सफर में अब तक सैन मैरिनो अब तक तीन पदक अपने नाम कर चुका है। 29 जुलाई को निशानेबाजी ट्रैप के खेल में एलिसांड्रा पिरेली ने ब्रॉन्ज़ मेडल जीतकर अपने देश के लिए पहला पदक हासिल किया था। वहीं दूसरा पदक भी निशानेबाजी में एलिसांड्रा पिरेली ने ही मिक्स्ड ट्रैप में अपने साथी जियान मार्को के साथ खेलकर सिल्वर पदक अपने नाम किया।इसके साथ ही सैन मैरिनो को तीसरा पदक रेसलिंग की प्रतियोगिता में मिला ,नज्म मईलेस अमीन ने भारतीय पहलवान दीपक पुनिया को हराकर कांस्य पदक जीता।इस प्रकार सैन मैरिनो कुल तीन पदक अबतक टोक्यो ओलंपिक में अपने नाम कर चुका है।

1960 के ओलंपिक में की थी पहली बार शिरकत

बता दे कि ओलंपिक खेलों में सैन मेरिनो 1960 में पहली बार उतरा था जिसमें कुल 9 खिलाड़ियों के दल ने शिरकत की थी जिसमे साइकलिंग निशानेबाजी और रेसलिंग में तब सैन मैरिनो के खिलाड़ी 16वें पायदान से ऊपर नहीं पहुंच सके थे। लेकिन 61 साल बाद टोक्यो ओलंपिक में इस देश में इतिहास रच दिया।

हमारा देश छोटा है,लेकिन हमें बहुत गर्व है

सैन मैरिनो को पहला पदक जिताने वाली निशानेबाज एलिसांड्रा पिरेली 2012 के ओलंपिक में पदक के बेहद खरीब थी लेकिन वो चूक गयी और चौथे स्थान में रही। टोक्यो ओलंपिक में पदक अपने नाम करने के बाद पिरेली ने कहा कि ‘फाइनल के दौरान जब 5वी निशानेबाज बाहर हुई तब मैं ने सोचा इस बार फिर मैं 4थे स्थान पर नही रहना चाहती हूँ मुझे जीतना ही है।”पिरेली ने कहा कि यह मेरे और मेरे देश के लिए पहला पदक है ,हमारा देश छोटा है लेकिन हमें बहुत गर्व है।

MUST READ