बयानबाजी : PFI पर कांग्रेस ने लिया न्यूट्रल स्टैंड लेकिन कमलनाथ मांग बैठे सबूत , लालू बोले – RSS इससे भी बदतर संघठन है

देश में पीएफआई के खिलाफ केंद्र सरकार द्वारा बैन की करवाई को लेकर सियासी लड़ाई शुरू हो चुकी है। एक धड़ा सरकार का समर्थन कर रहा है तो दूसरा पीएफआई पर इस बड़े एक्शन का विरोध कर रहा है।इस बीच कई नेताओ ने आरएसएस पर भी बैन की मांग उठाई है। हालाँकि इस पूरे बवाल के बीच कांग्रेस पार्टी ने न्यूट्रल स्टैंड लिया है।

कांग्रेस की तरफ से पीएफआई के खिलाफ हुई कार्रवाई के बाद आधिकारिक बयान आया है जिसमे पार्टी ने किसी भी संघठन का नाम लिए बिना ही कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा से सभी प्रकार की सांप्रदायिकता की खिलाफ रही है , हम बहुसंख्यकवाद या अल्पसंख्यकवाद के आधार पर धार्मिक उत्पाद में फ़र्क़ नहीं करते । कांग्रेस की नीति हमेशा से बिना किसी डर के बिना किसी समझौते के सांप्रदायिकता से लड़ने की रही है । हम हर उस विचारधारा और संस्था के खिलाफ हैं जो हमारे समाज का धार्मिक ध्रुवीकरण करने के लिए पूर्वाग्रह , नफरत , कट्टरता और हिंसा का सहारा लेती है ।

कांग्रेस नेता जयराम रमेश द्वारा जारी इस पत्र में कहा गया कि हम भारत के बहुलतावाद को संरक्षित और संवर्धित करने की लड़ाई प्राथमिकता से लड़ रहे हैं तथा राष्ट्रवादी उत्सव में भारत के सेक्युलर और सामूहिकता के तानेबाने को पुष्पित और पल्लवित कर रहे हैं ।

लालू और सिद्धारमैया ने की आरएसएस पर बैन की मांग

कांग्रेस नेता सिद्धारमैया ने कहा कि हम शांति भंग करने वाले या कानून के खिलाफ किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई का विरोध नहीं करते हैं। आरएसएस और अन्य भी उसी तरह शांति भंग कर रहे हैं, उनके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए, ऐसे किसी भी संगठन को प्रतिबंधित किया जाना चाहिए।

राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने कहा कि पीएफआई की जांच की जा रही है। आरएसएस सहित पीएफआई जैसे सभी संगठनों पर प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए और जांच होनी चाहिए।पीएफआई की तरह जितने भी संगठन हैं सभी पर प्रतिबंध लगाना चाहिए जिसमें आरएसएस भी शामिल है। सभी पर प्रतिबंध लगाया जाय। ;लालू ने यह भी कहा कि सबसे पहले आरएसएस को बैन करिए, ये उससे भी बदतर संगठन है.

कमलनाथ ने पूछा – सबूत मिले क्या ?

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कलामनाथ ने पीएफआई कार्रवाई पर कहा कि जनता को सुरक्षा चाहिए। अगर इतने दिन से ये हो रहा था तो आप क्या कर रहे थे? ये साल भर में तो पैदा नहीं हुई। क्या सबूत अभी मिले हैं? अगर ये आतंकवादी संस्थाओं से पहले से जुड़ी थी तो आप इतने साल क्या कर रहे थे.

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