कांग्रेस छोड़ बगावत करने वाले नेताओं को राहुल गांधी की दो टूक, कहा जो डर रहे हैं उन्हें बाहर निकालो

शुक्रवार को कांग्रेस की सोशल मीडिया टीम से जुड़े कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और सांसद राहुल गांधी ने बड़ा बयान दिया है।राहुल गांधी ने कहा “कि बहुत सारे लोग हैं जो डर नही रहे हैं वो सब हमारे हैं। उनको कांग्रेस में लाओ।और जो हमारे यहां डर रहे हैं उनको बाहर निकालो।चलो जाओ आरएसएस के हो जाओ भागो मजे लो।हमे निडर लोग चाहिए है। यह हमारी विचारधारा है”

राहुल गांधी के इस बयान के कई मायने भी निकाले जा सकते हैं लेकिन सीधे-सीधे मायने यही निकाले जा रहे हैं कि जो कांग्रेस की विचारधारा के साथ है चल सकते हैं वह कांग्रेस के साथ रहे और जिनको कांग्रेस के साथ नहीं रहना तो सीधे-सीधे जा सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जिनको मजे लेना है आरएसएस में चले जाएं हमें निडर लोग चाहिए और इन लोगों के साथ ही हम आगे बढ़ सकते हैं क्योंकि यही कांग्रेस की विचारधारा है। दरअसल कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी अपनी पार्टी के सोशल मीडिया सेल में बैठक कर रहे थे और उसी दौरान उन्होंने यह बात रखी है ।

वहीं राहुल गांधी के इस बयान के बाद यह चर्चा का विषय बन गया है कि आखिर कांग्रेस की आने वाली रणनीति क्या है दरअसल राहुल गांधी आक्रामक शैली के नेता है जो कि बैकफुट पर काम करना नहीं जानते हैं वह चाहे मसला आर एस एस का हो या फिर कोई अन्य मसला हो सभी मसलों पर भी खुलकर बात रखते हैं।

कांग्रेस पार्टी में लंबे समय से अंदरूनी कलह देखी जा रही है कई बड़े नेता पार्टी से बगावत भी कर चुके हैं। राहुल गांधी का यह बयान सीधे सीधे उन नेताओं पर भी निशाना है।

इस बयान के जरिए वे अपने वरिष्ठ नेताओं को भी मानो चेतावनी दे रहे हैं कि अगर कांग्रेस के इस हालात में रहते हुए आप साथ नहीं देना चाहते तो आप कांग्रेस छोड़ सकते हैं हमें निडर लोगों की ही जरूरत है दरअसल कुछ ऐसे सीनियर नेता हैं जो हाल ही के दिनों में कांग्रेस पार्टी को छोड़ चुके हैं और वो राहुल गांधी के काफी करीबी भी कहे जाते थे जिसमे कि केंद्रीय मंत्री रहे ज्योतिरादित्या सिंधिया और जतिन प्रसाद जैसे नेता शामिल हैं। इन दोनों ने पार्टी छोड़ दी ।इसके अतिरिक्त कुछ ऐसे नेता हैं जो कि इकट्ठा होकर बगावत के मोड़ पर भी नजर आ रहे हैं। उनको भी इस बयान के जरिए राहुल गांधी ने चिता दिया है कि हम तो निडरता से ही काम करेंगे इस बयान के राजनीतिक मायने भी निकाले जा सकते कि कांग्रेस पार्टी अपनी विचारधारा से कभी भी समझौता करने वाली नहीं है।

MUST READ