रहाणे पुजारा के उपर उठ रही थी बाहर करने की मांग, इन्हीं दो खिलाड़ियों ने बचाई भारतीय टीम की लाज

Liberal Sports Desk : भारत और इंग्लैंड के बीच लॉर्ड्स टेस्ट मैच के चौथे दिन भारतीय टीम 55 रनों पर 3 विकेट खोकर संघर्ष करती नजर आ रही थी। तब भारतीय टीम के 2 सबसे अनुभवी बल्लेबाज जिनके ऊपर लगातार तीखी आलोचनाओं का दौर चल रहा था चाहे वह सोशल मीडिया में हो या फिर मीडिया में। अब आखिरकार इन्हीं दो बल्लेबाजों की बदौलत भारतीय टीम कुछ हद तक संकट से बाहर निकली है। आखिरकार पुजारा और रहाणे ने बताया कि क्यों क्रिकेट में फॉर्म को टेंपरेरी और क्लास को परमानेंट कहा जाता है यह पुजारा और रहाणे ने बखूबी बता दिया।

भारतीय टीम ने जब लॉर्ड्स टेस्ट मैच के चौथे दिन बल्लेबाजी करना शुरू किया तब भारतीय टीम के 2 सलामी बल्लेबाज जो अब तक इस इंग्लैंड सीरीज के शुरुआती दो टेस्ट मैचों की तीन पारियों में शानदार शुरुआत दे रहे थे वह नाकाम साबित हुए। इसके बाद भारतीय कप्तान विराट कोहली भी 20 रनों के निजी स्कोर पर आउट होकर पवेलियन लौट गए।भारतीय टीम पूरी तरह से संकट में आ चुकी थी। 55 रनों पर 3 विकेट और लीड महज 27 रनों की हुई थी। लेकिन ऐसे में भारतीय टीम को दो खिलाड़ियों ने संकट से उबारने का काम किया और वह दो खिलाड़ी कोई और नहीं बल्कि चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे थे जिनके ऊपर लगातार आलोचनाओं का दौर चल रहा था।

चेतेश्वर पुजारा ने अपनी पारी की शुरुआत अपने अंदाज में की। पहली 35 गेंदों के बाद चेतेश्वर पुजारा ने अपना खाता खोला। लेकिन जैसे-जैसे पुजारा की नजरें जमती गई पुजारा ने भी अपने शॉट खेलना शुरू कर लिए थे। उसके बाद बारी थी अजिंक्य रहाणे की। अजिंक्य रहाणे ने शुरुआत में सम्भलकर खेला लेकिन जैसे-जैसे अजिंक्य रहाणे की आंखें जमती गई रहाणे ने भी शॉट खेलना शुरू कर दिए थे। और देखते ही देखते रहाणे और पुजारा ने 100 रनों की साझेदारी भी कर डाली। और ऐसा लगने लगा था कि यह दोनों खिलाड़ी भारतीय टीम को पूरी तरह से उबाल लेंगे। लेकिन टी टाइम के बाद चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे पवेलियन लौट गए। लेकिन पुजारा और रहाणे की पारी ने एक बात तो जरूर बता दी कि अभी भी यह दोनों खिलाड़ी भारतीय टीम के संकटमोचन बल्लेबाज हैं।

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