कभी की थी सचिन और गांगुली के साथ प्रैक्टिस, आज असम में चाय बेचने हुआ मजबूर

Liberal Sports Desk: भारतीय क्रिकेट इतिहास में कई ऐसे खिलाड़ी हुए हैं जिन्होंने भारत के लिए क्रिकेट खेला है। कई क्रिकेट खिलाड़ी रणजी तक क्रिकेट खेलने के बाद क्रिकेट छोड़ देते हैं। कई ऐसे भी होते हैं जो लगातार मेहनत करते रहते हैं लेकिन किस्मत साथ ना होने के कारण उनका क्रिकेट करियर आगे नहीं बढ़ पाता। आज हम इस आर्टिकल में ऐसे ही एक खिलाड़ी के बारे में आपको बताने जा रहे हैं जिसने कभी नेशनल क्रिकेट एकेडमी यानी एनसीए ने सचिन तेंदुलकर सौरव गांगुली और वीवीएस लक्ष्मण जैसे खिलाड़ियों के साथ प्रैक्टिस की थी लेकिन आज वह असम में चाय बेचने को मजबूर है।

कभी की थी सचिन और गांगुली के साथ एनसीए में प्रैक्टिस

हम प्रकाश भगत की बात कर रहे हैं जिसने 2002-3 में नेशनल क्रिकेट एकेडमी में सचिन तेंदुलकर, सौरव गांगुली, और वीवीएस लक्ष्मण, हरभजन सिंह,जैसे दिग्गज खिलाड़ियों के साथ मिलकर प्रैक्टिस की थी। लेकिन मजबूरी के कारण उसे अपना क्रिकेट छोड़ना पड़ा। आपको बता दें प्रकाश भगत ने अंडर-17 विजय मर्चेंट ट्रॉफी के एक मैच में हैट्रिक सहित सात विकेट चटकाए थे।

जब भारतीय टीम 2002-3 में न्यूजीलैंड दौरे पर जाने वाली थी उस वक्त सौरव गांगुली ने कहा कि हमें लेफ्ट आर्म स्पिन बॉलर के साथ प्रैक्टिस की जरूरत है इसलिए प्रकाश भगत को एनसीए में बुलाया गया था।

प्रकाश भगत ने नेशनल क्रिकेट एकेडमी में सचिन तेंदुलकर सौरव गांगुली वीवीएस लक्ष्मण जैसे खिलाड़ियों को अपनी गेंदों से प्रैक्टिस कराई थी। 34 साल के प्रकाश भगत ने 1999 में अपने क्रिकेट करियर की शुरुआत की थी।

प्रकाश भगत ने बिहार के खिलाफ विजय मर्चेंट ट्रॉफी में हैट्रिक समेत सात विकेट चटकाए थे।

प्रकाश भगत को एनसीए की ओर से टीम इंडिया के खिलाड़ियों को प्रैक्टिस के लिए बुलवाया गया था।

प्रकाश भगत ने 2009 से 2011 तक असम के लिए रणजी ट्रॉफी क्रिकेट भी खेला।

प्रकाश भगत में एनसीए में सौरव गांगुली को नेट में गेंदबाजी भी की थी और सौरव गांगुली को अपनी गेंदों से प्रभावित भी किया था।

क्यों चाय बेचने पर मजबूर हुए प्रकाश भगत

प्रकाश भगत के पिता की मौत के बाद घर की जिम्मेदारी उनके ऊपर आने के कारण उन्होंने क्रिकेट को अलविदा कह दिया। प्रकाश भगत के पास क्रिकेट और घर की जिम्मेदारियों के बीच चुनने के लिए एक ही चीज थी। और उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों को चुना और क्रिकेट को अलविदा कह दिया।

प्रकाश भगत के बड़े भाई की तबीयत ठीक नहीं रहती थी इस वजह से वह क्रिकेट पर ध्यान नहीं दे पाया और घर की जिम्मेदारियों को देखते हुए क्रिकेट छोड़ने पर मजबूर हो गया

वर्तमान में प्रकाश भगत असम के सिलचर में सड़क किनारे चाय बेचने मजबूर है और अपने घर का भरण पोषण कर रहा है

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