मध्यप्रदेश की राजनीति में शुरू हुआ पोस्टर वॉर,कांग्रेस ने कमलनाथ को कृष्ण तो शिवराज को बना दिया मामा कंस

सियासत न जाने कब जनहित के जुड़े मुद्दों से हटकर व्यक्तिगत प्रहार पर आ जाए यह आज की राजनीति के दौर में कहा नहीं जा सकता। आज सियासत में व्यक्तिगत हमले सबसे ज्यादा हो रहे हैं और व्यक्तिगत हमलों के जरिए ही सियासत का सफर तय करते हुए सत्ता तक जाने की चाहत है। यह हर एक राजनैतिक दल कर रहा है। वहीँ अब भोपाल के कांग्रेस कार्यालय के पास लगे पोस्टरों ने मध्य प्रदेश की राजनीति में एक अलग ही तस्वीर लाकर रख दी है.

यहां पर कमलनाथ का छिंदवाड़ा मॉडल और मामा का घोषणा वीर होना जैसे पोस्टर लगाकर एक अलग ही संदेश देने की कोशिश की गई है। दोनों तस्वीरों की तुलना करें तो एक में कमलनाथ को भगवन श्री कृष्ण बताया जा रहा है तो एक पोस्टर में शिवराज को कंस बताया गया है। कांग्रेस कार्यालय के बाहर यह पोस्टर लगे हुए हैं वहीँ आइए पोस्टरों को लेकर कांग्रेस नेता का बयान भी आया है। यह बयान भी बेहद चौंकाने वाला है।

कांग्रेस नेता शहर खान ने कहा कि जब धरती पर पाप बढ़ता है तो भगवान किसी को भेजते हैं कमलनाथ वो विकास पुरुष हैं ,उनका छिंदवाड़ा मॉडल राज्य में विकास का एक आदर्श उदाहरण है, जबकि सीएम शिवराज सिंह चौहान ने यहां कुछ नहीं किया। यह बयान बताने के लिए काफी है कि किस तरह से कॉन्ग्रेस के कुछ कार्यकर्ता इस दिशा में आगे बढ़ रहे हैं हालांकि इन पोस्टर्स पर किसी बड़े नेता ने प्रतिक्रिया नहीं दी है लेकिन जिस तरह से पोस्टर लगे हैं उससे मध्यप्रदेश की राजनीति जरूर गर्म हो गई है।

छिंदवाड़ा मॉडल का शुरू से रहा है जोर

2018 में जब मध्य प्रदेश की सत्ता में कांग्रेस ने आमद दी थी उस दौरान कमलनाथ के छिंदवाड़ा मॉडल को ही सामने लाकर रख दिया गया था। सरकार बनी और उसके बाद विकास के अधिकांश काम छिंदवाड़ा में गए जिसकी गूंज आज भी नजर आती है । वर्तमान सत्ता में काबिज बीजेपी अक्सर कहती है कि कांग्रेस के शासनकाल में मध्य प्रदेश का तो विकास हुआ ही नहीं जो भी बड़े प्रोजेक्ट थे एक छिंदवाड़ा तक ही सीमित रहे। बीजेपी नेताओं ने यहां तक कह दिया कि कमलनाथ 15 महीने तो ऐसा लगता है मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री की नहीं सिर्फ छिंदवाड़ा के मुख्यमंत्री रहे हैं।

और यही जो भेदभाव प्रदेश की जनता के साथ किया गया उसका ही असर यह रहा जो उनकी सत्ता चली गई। बयानों के अतीत और वर्तमान को देखा जाए तो कई तस्वीरें निकलकर सामने आ जाती है लेकिन वर्तमान में जिस तरह से किसी को कंस बता देना किसी को कृष्ण बता देना इस तरह के फोटो लगाना कहां तक जायज है इस पर चर्चा जरूर शुरू हो गई है ।जाहिर सी बात है इन तस्वीरों पर अब प्रतिक्रिया का दौर भी आएगा फिलहाल चर्चा इस पर जारी है।

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