इशारो में : लालकिले से पीएम मोदी ने उठाया राष्ट्रपति मुर्मू के अपमान का मुद्दा ! बिना नाम लिए ही दी विरोधियो को नसीहत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 9 वी बार लालकिले की प्राचीर से स्वतंतत्रा दिवस के अवसर पर देशवासियो को सम्बोधित किया। पीएम मोदी का यह सम्बोधन हर बार की तरह बेहद अलग रहा है। अपने इस सम्बोधन में पीएम मोदी अपने विरोधियो के खिलाफ आक्रामक नजर आये। पीएम मोदी ने बिना नाम लिए ही कई मुद्दों पर अपने सियासी विरोधियो को चोंट पहुंचाई। इसके साथ ही पीएम मोदी ने लालकिले से पहली बार कहा कि देश में नारी का अपमान किया जा रहा है जो बेहद दुखद है। सियासी मायनो में देखा जाये तो पीएम मोदी का यह इशारा हालही में राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू के अपमान के मुद्दे से जुड़ा हुआ नजर आ रहा है।

अधीर रंजन चौधरी ने दिया था विवादित बयान

दरअसल पिछले महीने मानसून सत्र के दौरान कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी ने राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू को राष्ट्रपत्नी कहकर सम्बोधित कर दिया था जिसके बाद जमकर सियासी बवाल मचा था। अधीर रंजन चौधरी को लिखित में राष्ट्रपति मुर्मू से माफ़ी भी मांगनी पड़ गई थी। हालाँकि तब इस पूरे मामले में पीएम मोदी की कोई भी प्रतिक्रिया सामने नहीं आई थी। लेकिन अब लाल किले की प्राचीर से पीएम मोदी ने इशारो ही इशारो में इस मुद्दे को देश में नारी के अपमान से जोड़कर उठाया है।

यह दर्द बताये बिना मैं रह नहीं सकता

प्रधानमंत्री मोदी ने नारी अपमान को अपना दर्द बताते हुए कहा कि अपना यह दर्द बताये बिना मैं रह नहीं सकता।उन्होंने कहा कि मैं देश में नारी को अपमानित करने वाली हार बात से मुक्ति चाहता हूँ।पीएम मोदी ने कहा कि मैं लाल किले से एक और मेरी पीड़ा कहना चाहता हूँ। ये दर्द कहे बिना कहे मैं रह नहीं सकता। मैं जनता हूँ शायद यह लालकिले का विषय नहीं हो सकता लेकिन मेरे भीतर का दर्द मैं कहाँ कहूं। देश वासियो के सामने नहीं कहूंगा तो कहाँ कहूंगा।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने दर्द को बयां करते हुए कहा कि किसी न किसी कारण से हमारे अंदर ऐसी विकृति आई है , हमारे बोलचाल में , हमारे शब्दों में , हमारे व्यहार में , हम नारी का अपमान करते हैं। क्या हम स्वाभाव से संस्कार से रोजमर्रा की जिंदगी में नारी को अपमानित करने वाली हर बात से मुक्ति का संकल्प ले सकते हैं।

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