पीएम मोदी और मिस्त्र के राष्ट्रपति ने की द्विपक्षीय वार्ता , दोनों देशो के बीच हुए ये बड़े समझौते

मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी तीन दिवसीय दौरे पर मंगलवार को दिल्ली पहुंचे हैं। राष्ट्रपति अल-सिसी 2023 गणतंत्र दिवस परेड के मुख्य अतिथि हैं।राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी का स्वागत किया।मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी को राष्ट्रपति भवन में गार्ड ऑफ ऑनर भी दिया गया।

मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी ने दिल्ली में मिले इस स्वागत के बाद कहा कि मैं इस महान दिन के लिए भारतीय राष्ट्र, सरकार और लोगों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं। मेरे लिए सम्मानित अतिथि बनना और गौरवशाली राष्ट्रीय दिवस में हिस्सा लेना सौभाग्य है। मिस्र और भारत के संबंधों की विशेषता संतुलन और स्थिरता है.

इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हैदराबाद हाउस में मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी से मुलाकात की जहाँ दोनों ने द्विपक्षीय वार्ता की। इस वार्ता के बाद प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को घोषणा की कि भारत ने मिस्र के साथ द्विपक्षीय संबंधों को रणनीतिक साझेदारी में बढ़ाने का फैसला किया है।

पीएम मोदी ने भारत-मिस्र रणनीतिक साझेदारी के तहत राजनीति, सुरक्षा, अर्थशास्त्र और विज्ञान के क्षेत्र में अधिक सहयोग के लिए एक दीर्घकालिक रूपरेखा विकसित करने का फैसला किया है।

भारत और मिस्र ने आज साइबर सुरक्षा, संस्कृति, सूचना प्रौद्योगिकी, युवा मामलों और प्रसारण के क्षेत्र में भी समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया। प्रधान मंत्री मोदी और राष्ट्रपति सीसी ने भारत और मिस्र के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 75 वर्षों के मील के पत्थर को चिह्नित करने के लिए स्मारक डाक टिकटों के आदान-प्रदान को भी देखा।

स्मारक डाक टिकट का आदान-प्रदान भारत के केंद्रीय रेल, संचार और इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव और मिस्र के संचार और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. अम्र अहमद समिह तलत के बीच किया गया।

वहीं द्विपक्षीय वार्ता के बाद पीएम मोदी और मिस्त्र के राष्ट्रपति ने संयुक्त बयान भी जारी किये।

जाने क्या बोले पीएम मोदी ?

पीएम मोदी ने कहा कि मैं मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी और उनके डेलिगेशन का भारत में स्वागत करता हूं। कल हमारे गणतंत्र दिवस समारोह में मिस्र के राष्ट्रपति मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। ये पूरे भारत के लिए सम्मान और हर्ष का विषय है.भारत और मिस्र विश्व की सबसे पुरानी सभ्यताओं में से हैं। हमारे बीच कई हज़ारों वर्षों का अनवरत नाता रहा है। चार हजार वर्षों से भी पहले, गुजरात के लोथल पोर्ट के माध्यम से मिस्र के साथ व्यापार होता था और विश्व में विभिन्न परिवर्तन के बावजूद हमारे संबंधों में स्थिरता रही है.

पीएम मोदी ने कहा कि इस वर्ष भारत ने जी 20 की अध्यक्षता के दौरान मिस्र को अतिथि देश के रूप में आमंत्रित किया है जो हमारी विशेष मित्रता को दर्शाता है.हमने आज अपने रक्षा उद्योगों के बीच सहयोग को और मज़बूत करने आतंकवाद विरोधी संबंधी सूचना एवं इंटेलिजेंस का आदान-प्रदान बढ़ाने का भी निर्णय लिया है.भारत और मिस्र आतंकवाद को लेकर चिंतित हैं। दोनों देश इस बात पर सहमत हैं कि सीमा पार आतंकवाद को नियंत्रित करने के लिए कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए और इसके लिए हम साथ मिलकर अंतरराष्ट्रीय समुदाय को सचेत करने का प्रयास करते रहेंगे।

पीएम मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच सामरिक समन्वय पूरे क्षेत्र में शांति और समृद्धि के क्षेत्र में मददगार होगा। इसलिए आज की बैठक में राष्ट्रपति सिसी और मैंने हमारी द्वीपक्षीय भागीदारी को सामरिक भागीदारी के स्तर पर ले जाने का निर्णय लिया है.हमने मिलकर तय किया कि अगले 5 वर्षों में अपने देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार को 12 बिलियन डॉलर तक ले जाएंगे।

मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी ने कही बड़ी बाते

मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी ने कहा कि हम विभिन्न क्षेत्रों में मौजूदा सहयोग को बढ़ावा देने और नए क्षेत्रों में साझेदारी को बढ़ावा देने पर सहमत हुए हैं। हम अपने क्षेत्रों, मुख्य रूप से निवेश, उच्च शिक्षा, रसायन, दवा उद्योग आदि में सहयोग को मजबूत कराने पर हम सहमत हुए हैं.

मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी ने कहा कि मैं 2015 में न्यूयॉर्क में प्रधानमंत्री मोदी से मिला था और मुझे उन पर पूरा भरोसा था। मुझे पता था कि वह अपने देश को आगे ले जाएगा। मैंने हमारे संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री मोदी को काहिरा, मिस्र में आमंत्रित किया है.

मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी ने कहा कि हमने आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई के बारे में बात की और COP 27 पर चर्चा की। हमने मिस्र और भारत के बीच सुरक्षा सहयोग पर भी चर्चा की। मैंने आगामी G20 शिखर सम्मेलन के लिए मिस्र को अतिथि देश के रूप में आमंत्रित करने के लिए पीएम मोदी को धन्यवाद किया।

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