राज्यसभा में विपक्ष के हंगामे पर सरकार के 7 मंत्रियों ने एक साथ भरी हुंकार कहा – विपक्ष मांगे देश से माफी

संसद के मानसून सत्र की कार्यवाही बुधवार को तय समय से पहले ही विपक्ष के जोरदार हंगामे के चलते खत्म हो गई लेकिन विपक्ष का यह हंगामा खत्म नहीं हो पाया गुरुवार सुबह कांग्रेस नेता राहुल गांधी के नेतृत्व में विपक्ष ने राज्यसभा में हुए हंगामे को लेकर सरकार पर आरोप लगाते हुए संसद भवन से विजय चौक के लिए पैदल मार्च निकाला और विपक्ष के नेताओं ने सरकार पर लोकतंत्र की हत्या और तानाशाही के आरोप लगाए। तो वही सरकार ने विपक्ष के इन आरोपों पर पलटवार करने के लिए अपने सात केंद्रीय मंत्रियों को मैदान पर उतार दिया।

गुरुवार को विपक्ष के आरोपों के बीच सरकार के सात केंद्रीय मंत्रियों के द्वारा प्रेस कॉन्फ्रेंस कर संसद में हंगामा के लिए विपक्ष को देश से माफी मांगने के लिए कहा गया। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ,धर्मेंद्र प्रधान, प्रहलाद जोशी, भूपेंद्र यादव ,अर्जुन राम मेघवाल ,वी मुरलीधरण और अनुराग ठाकुर मौजूद रहे। केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि देश की जनता इंतजार करती है कि उनसे जुड़े हुए मुद्दों को सदन में उठाया जाए वहीं विपक्ष का सड़क से संसद तक एकमात्र एजेंडा सिर्फ अराजकता रहा है। घड़ियाली आंसू बहाने की वजह विपक्ष को देश से माफी मांगनी चाहिए।

वहीं राज्यसभा में सदन के नेता पीयूष गोयल ने कहा कि इस सत्र में हमने लगातार बहुत ही दुखद और शर्मनाक घटनाएं देखी पूरे विपक्ष की मनसा शुरू से ही सदन की गरिमा गिराने और सत्र को नहीं चलने देने की रही है ओबीसी संविधान संशोधन विधेयक में भी शायद एक राजनीतिक मजबूरी में उन्होंने सदन को चलने दिया।

कांग्रेस पर हमला करते हुए संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने कहा कि कांग्रेस और उसके मित्र सहयोगियों ने संसद को नहीं चलने देने का पहले ही फैसला कर लिया था उन्होंने नए मंत्रियों का परिचय तक नहीं होने दिया उन्होंने महत्वपूर्ण बिल पर भी चर्चा नहीं होने दी हमारी तरफ से विपक्ष से कई बार बात हुई हमने उनसे निवेदन किया था कि नए मंत्रियों का परिचय करने का मौका दें । हम मांग करते हैं कि राज्यसभा के सभापति को नियम तोड़ने वाले विपक्षी सांसदों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए ।प्रह्लाद जोशी ने कहा कि छह सांसदों ने कांच तोड़कर हंगामा किया और महिला सुरक्षाकर्मी को घायल कर दिया वही कहा गया कि अगर आप बिल पास करने की कोशिश करेंगे तो जो कल हुआ उससे भी ज्यादा होगा हमने कई मर्तबा सदन को चलने का निवेदन किया लेकिन विपक्ष ने ऐसा नही होने दिया।

प्रहलाद जोशी ने कहा कि हम चेयरमैन से मांग करते हैं कि उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए और इस तरह की घटना दोबारा ना हो बिल सरकार के लिए नहीं बिल बल्कि लोगों के लिए हैं संसद की पहली जिम्मेदारी है बिल को पास करना हंगामा करने वाले सांसदों पर सख्त कार्यवाही होनी चाहिए।

प्रहलाद जोशी ने कहा कि साढ़े 7 साल बाद भी विपक्ष जनादेश स्वीकार करने को तैयार नहीं है खासकर कांग्रेस को ऐसा लगता है कि यह हमारी सीट थी और इसे मोदी जी ने आकर छीन लिया है उनकी इसी मानसिकता की वजह से ऐसी चीजें हो रही हैं।

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