पैसो की तंगी ने तोड़ दिया था कैम्ब्रिज जाने का सपना , पद्मश्री से सम्मानित होने के बाद भावुक हुए आनंद कुमार

बिहार के प्रसिद्द गणितज्ञ और सुपर 30 के संस्थापक आनंद कुमार को सरकार ने पद्मश्री पुरुस्कार से सम्मानित किया है। बिहार से तीन व्यक्तियों को यह पुरूस्कार मिला है जिसमे आनंद कुमार भी शामिल हैं। 74वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर आनंद कुमार को साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में पद्म श्री से सम्मानित किया गया है। आनंद कुमार के साथ मिथिला कलाकार सुभद्रा देवी को कला के क्षेत्र में पद्म श्री से सम्मानित किया गया है. इसके अलावा कपड़ा कला के क्षेत्र में नालंदा के कपिल देव प्रसाद को भी पद्म श्री से सम्मानित किया गया है।

आर्थिक तंगी में बीता बचपन

आनंद कुमार का नाम देश और विदेश में खासा प्रसिद्ध है। बचपन से आर्थिक तंगी के बीच जीवन जीने वाले आनंद कुमार ने गणित में ऐसी महारत हासिल की थी कि कॉलेज के वक्त उन्हें कैम्ब्रिज यूनिवर्सिटी से बुलावा तक आ गया था। लेकिन आर्थिक बदहाली ने आनंद कुमार के सपने को तोड़कर रख दिया था। लेकिन वहीँ आनंद कुमार आज सुपर 30 के जरिये देश के हर गरीब बच्चे को आईआईटी और आईआईएम जैसे संस्थानों तक का सफर तय कराकर उनका सपना पूरा कर रहे हैं।

सुपर 30 से मिली पहचान

आनंद कुमार अपनी मुफ्त कोचिंग सुपर 30 के लिए दुनियाभर में प्रसिद्ध हैं। सुपर 30 कोचिंग में वे आईआईटी जैसे राष्ट्रीय कॉलेज में प्रवेश के लिए गरीब और वंचित बच्चो को मुफ्त कोचिंग देते हैं। और आनदं कुमार का कमला ऐसा है कि उनकी कोचिंग में पढ़ने वाले सभी 30 बच्चो का चयन लगभग हर बार होता है।
फेसबुक पोस्ट के जरिए दिया संदेश

बता दें 1 जनवरी 1973 को पैदा हुए आनंद कुमार ने 2002 में सुपर 30 की शुरुआत थी। आनंद कुमार की सुपर 30 कोचिंग और उनके जीवन पर आधारित एक बॉलीवुड फिल्म भी है जिसमे ऋतिक रोशन ने अभिनय किया है।

सम्मान से बढ़ी जिम्मेदारी

आनंद कुमार ने पद्मश्री से सम्मानित होने के बाद कहा कि मैं अपने देश के लोगों को धन्यवाद देता हूं जो कठिन समय में भी हमेशा मेरे साथ रहे और मेरा हौसला बढ़ाया। मुझे यह सम्मान देने के लिए मैं भारत सरकार को भी धन्यवाद देता हूं। मेरे कई छात्रों ने मुझे बधाई देने के लिए फोन किया है।

आनंद कुमार ने कहा कि मैं देश के युवाओं से कहना चाहता हूं कि भविष्य उनका है। इस पुरस्कार के बाद, जिम्मेदारी बढ़ गई है और हम सुपर 30 कार्यक्रम का और विस्तार करना चाहते हैं ताकि अन्य राज्यों के छात्रों को शामिल किया जा सके और इस साल के अंत तक ऑनलाइन शिक्षा भी शुरू की जा सके.

ऐलान के बाद हुए भावुक

आनंद कुमार ने पद्मश्री से सम्मानित होने के ऐलान के बाद फेसबुक पोस्ट के जरिये अपनी भावनाये जाहिर की हैं। उन्होंने कहा कि अभी कुछ देर पहले जब भारत-सरकार ने मुझे पद्मश्री सम्मान से सम्मानित करने की घोषणा की तब मुझे लगा कि आसमान से मेरे पिताजी स्वर्गीय श्री राजेंद्र प्रसाद मुस्कुराते हुए मुझे देख रहें हैं और जैसे कह रहें हों कि बेटा तू अभी और आगे बढ़ मंजिल तो अभी तेरी बहुत ही दूर है और अपने अंतिम साँस तक कुछ ऐसा प्रयास कर ताकि मेरे देश के किसी भी माँ-बाप को यह कष्ट न उठाना पड़े कि पैसे के अभाव में उनके बेटे-बेटियों कि पढ़ाई न छूट जाये |

भारत सरकार का विशेष आभार आपने मुझे इस सम्मान के लायक समझा | साथ ही साथ उन तमाम लोगों का सहृदय धन्यवाद जिन्होंने कठिन से कठिन परिस्तिथियों में भी मेरा साथ नहीं छोड़ा |

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