बंगाल में बैकफुट पर आ गई ममता ,सुवेंदु अधिकारी से हुई मुलाकात के बाद बन रहे नए समीकरण ?

पश्चिम बंगाल की राजनीति एक नया मोड़ लेते हुए दिख रही है।टीएमसी और भाजपा के बीच राज्य में जारी सियासी जंग के बीच शुक्रवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विपक्ष और भाजपा के नेता सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात की है। दोनों के बीच राज्य सचिवालय में यह मुलाकात हुई है। यह मुलाकात ऐसे वक्त पर हुई है जब बंगाल सरकार के खिलाफ भाजपा मजबूती से खड़ी हुई है और कई मुद्दों को लेकर जबरदस्त विरोध कर रही है।

हालही में राज्य के नए राज्यपाल सीवी बोस के शपथ ग्रहण समारोह में सीट को लेकर हुए विवाद के चलते भाजपा द्वारा टीएमसी सरकार पर आरोप लगाए गए थे। सुवेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी के खिलाफ राजनीतिक प्रतिशोद के आरोप मढ़े थे। लेकिन अब खुद ममता बनर्जी ने सुवेंदु अधिकारी को मुलाकात करने के लिए बुलाया है। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या विपक्ष की ताकत के सामने बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बैकफुट पर आ गई हैं ?

इस मसले को लेकर भाजपा के आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय का भी एक ट्वीट आया है। उन्होंने बंगाल की मुख्यमंत्री और सुवेंदु अधिकारी के बीच हुई इस मुलाकात को ममता बनर्जी के अहंकार पर चोंट बताई है। अमित मालवीय का कहना है कि अब ममता बनर्जी समझ गई हैं कि वो भाजपा जैसी मजबूत विपक्षी पार्टी को राज्य में दरकिनार नहीं कर सकती हैं।

क्या बोले अमित मालवीय ?

अमित मालवीय ने कहा कि ममता बनर्जी का अहंकार धूल खा रहा है। अंतत: उन्हें समझ में आया कि लोकतांत्रिक राजनीति में वे भाजपा जैसे मजबूत विपक्ष को दरकिनार नहीं कर सकतीं। मुद्दों पर बीच का रास्ता निकालने के लिए वह झुकीं और नंदीग्राम में उन्हें हराने वाले नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी और 3 अन्य भाजपा विधायकों से मिलीं।

वामपंथी आये , लेकिन भाजपा नेता नहीं

पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी का सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात से इतर एक अलग बयान है। उन्होंने राज्यपाल की शपथ ग्रहण समारोह के दौरान हुए सीट विवाद को लेकर कहा कि हमने आपको राज्यपाल की शपथ के लिए आमंत्रित किया था लेकिन आप सब नहीं आए। वास्तव में, वामपंथी नेता बिमान बोस ने समारोह में भाग लिया, मैं उनका आभारी हूं.

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