हिंदुस्तान की सियासत में 1985 का वह दिन जब राजीव गांधी ने दिया था ऐसा बयान जो शायद ही किसी देश का प्रधानमंत्री कभी कहता!

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की आज 77 वी जयंती है इस अवसर पर कांग्रेस द्वारा सद्भावना दिवस मनाया जा रहा है तो वही उत्तर प्रदेश सरकार ने भी इस बार राजीव गांधी की जयंती पर प्रदेश में सद्भावना दिवस के अवसर पर सरकारी कार्यक्रमों की घोषणा की है राजीव गांधी की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उन्हें याद किया उनको नमन किया।

राजीव गांधी देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के पुत्र थे जब 1980 में एक विमान दुर्घटना में छोटे भाई संजय गांधी की मौत हो गई तो अपनी मां इंदिरा गांधी का राजनीति में सहयोग करने के लिए राजीव गांधी ने भी सियासत में कदम रख दिया। 1981 में राजीव गांधी ने अमेठी से लोकसभा चुनाव जीता और सांसद बन गए। ठीक 3 साल बाद 1984 में इंदिरा गांधी की भी हत्या कर दी गई जिसके बाद देश का अगला प्रधानमंत्री राजीव गांधी को बनाया गया। वहीं अगले आम चुनाव में भी राजीव गांधी ने बहुमत के साथ विजय हासिल की देश में प्रधानमंत्री के तौर पर बने रहे। प्रधानमंत्री रहते हुए राजीव गांधी ने एक ऐसा बयान दिया था जो शायद ही हिंदुस्तान के किसी प्रधानमंत्री ने आज तक दिया हो। उस बयान की चर्चा आज भी हिंदुस्तान की सियासत में बनी रहती है यहां तक की सुप्रीम कोर्ट तक ने पूर्व प्रधानमंत्री के इस बयान का जिक्र किया था।

हिंदुस्तान की सियासत में राजीव गांधी के इस बयान ने भारत में सरकारी भ्रष्टाचार की पोल खोल कर रख दी थी। सरकार और आम जनता के बीच भ्रष्टाचार की जो गहरी खाई थी पूर्व प्रधानमंत्री के एक बयान ने उस पूरी खाई की तस्वीर देश के सामने रख दी थी। यह बात साल 1985 की है तब भारत के पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ओडिशा दौरे में गए हुए थे तभी उन्होंने गरीबों की हालत सुधारने के लिए चलाई जा रही सरकारी योजनाओं में भ्रष्टाचार को लेकर यह बयान दिया था। पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी ने कहा था कि गरीबों के लिए भेजे गए सरकार की तरफ से ₹1 में से महज 15 पैसे ही आम आदमी तक पहुंच पाता है। राजीव गांधी के इस बयान के बाद सरकारी तंत्र में सनसनी मच गई थी। देश के प्रधानमंत्री के द्वारा सरकारी तंत्र में चल रहे भ्रष्टाचार की बात अपने ही जुबान से करना किसी के लिए भी हैरान कर देने वाली थी।

राजीव गांधी के इस बयान की चर्चा आज भी राजनीतिक गलियारों में होती रहती है । यहां तक कि देश की सर्वोच्च अदालत ने भी अपने एक निर्णय में राजीव गांधी के इस बयान का जिक्र किया था। साल 2017 में सर्वोच्च न्यायालय में आधार की वैधता से जुड़ी याचिका पर सुनवाई की जा रही थी सुनवाई में जस्टिस एके सीकरी और अशोक भूषण की पीठ ने कहा था कि एक पूर्व प्रधानमंत्री ने कहा था कि ₹1 खर्च करने पर 15 वैसे ही पहुंच पाते हैं इसमें कोई शक नहीं है कि आधार इस तरह के भ्रष्टाचार की बीमारी को दूर कर सकता है।

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