कांग्रेस में अध्यक्ष के चुनाव के बीच पार्टी के भीतर टूट की आहट , गहलोत और शशि थरूर खेमा खड़ा कर सकता है नया संकट !

देश की सबसे पुरानी पार्टी ने अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव की घोषणा कर दी है। अधिसूचना जारी हो चुकी है। 24 साल बाद गैर गाँधी परिवार अध्यक्ष पद संभालने जा रहा है। मुकाबले राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सांसद शशि थरूर के बीच होने की सम्भावना है। अशोक गहलोत ने नामांकन भरने का ऐलान कर दिया है वहीं जल्द ही थरूर भी यह घोषणा कर सकते हैं। इस बीच पार्टी में दोनों नेताओ के समर्थन में नेताओ ने आवाज उठानी शुरू कर दी है। और अब पार्टी के भीतर गहलोत और थरूर खेमे बनते दिख रहे हैं जो पार्टी के भीतर टूट की आहट दे रहे हैं।

ऐसे में कांग्रेस भी सतर्क हो गई है। कहीं चुनावी सरगर्मी में पार्टी के भीतर नया संकट न खड़ा हो जाये इसे लेकर पार्टी महासचिव जयराम रमेश की तरफ से सभी प्रवक्ताओं और पदाधिकारियों को एक नोटिस जारी किया गया है।

कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव जयराम रमेश ने शुक्रवार को पार्टी के प्रत्येक प्रवक्ता और संचार विभाग के पदाधिकारियों से पार्टी के अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ने वाले उम्मीदवारों पर टिप्पणी करने से परहेज करने की अपील की है।

जयराम रमेश ने सभी को “व्यक्तिगत प्राथमिकताओं” को छोड़कर अपने कर्तव्यों का पालन करने का निर्देश दिया।जयराम रमेश ने एक नोटिस में कहा, कि मैं एआईसीसी के संचार विभाग के सभी प्रवक्ताओं और पदाधिकारियों से आग्रह करता हूं कि वे कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चुनाव लड़ने वाले हमारे किसी भी सहयोगी पर किसी भी तरह की टिप्पणी करने से बचें।

दरअसल जयराम रमेश का यह बयान तब आया है जब कांग्रेस प्रवक्ता गौरव वल्लभ ने हाल ही में राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को पार्टी के शीर्ष पद के लिए शशि थरूर से “बेहतर उम्मीदवार” के रूप में समर्थन दिया था।उन्होंने कहा कि गहलोत के पास पूर्व केंद्रीय मंत्री के रूप में अनुभव है और उन्होंने राजस्थान में 2018 के विधानसभा चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को हराया, थरूर पिछले आठ वर्षों में सोनिया गांधी को केवल पत्र भेजने में कामयाब रहे जब वह अस्पताल में भर्ती थीं। बाद में, उन्होंने ट्विटर पर स्पष्ट किया कि यह उनकी व्यक्तिगत राय थी।

संकट से पहले सतर्क कांग्रेस

कांग्रेस नेता राहुल गाँधी भारत जोड़ो यात्रा में हैं। हालाँकि इस दौरान कई कोंग्रेसी नेताओ ने पार्टी का साथ छोड़ दिया है। हालही में गोवा कांग्रेस के आठ विधायक भाजपा में शामिल हो गए है। ऐसे में अध्यक्ष पद की चुनावी लड़ाई में कहीं पार्टी के भीतर नई टूट न खड़ी हो जाये इसे रोकने के लिए कांग्रेस पहले से ही सतर्क हो गई है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने साफ़ हिदायत दी है कि पार्टी के सभी नेताओ का ध्यान भारत जोड़ो यात्रा पर होना चाहिए।

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