यूपी में प्रियंका ने दिखाया करिश्मा तो 2024 की राह कांग्रेस के लिए होगी आसान, जानिए कैसे

फरवरी 2022 में उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने हैं इसको लेकर समाजवादी पार्टी, बहुजन समाजवादी पार्टी के साथ साथ कांग्रेस ने भी अपनी रणनीति बनाना शुरू कर दी है बताया जा रहा है कि उत्तर प्रदेश की प्रभारी प्रियंका गांधी जल्द यूपी के दौरे पर रहेंगी और इस बार एक अलग रणनीति के साथ चुनावी मैदान पर उतरेंगी।

हालांकि विधानसभा चुनाव में वक्त कम है और जिस लिहाज से उत्तर प्रदेश में कांग्रेस की हालत लंबे अरसे से खराब है उस को एक्टिव मोड में लाने के लिए प्रियंका गांधी को जी तोड़ मेहनत करनी पड़ सकती है लेकिन फार्मूला साफ है कि उत्तर प्रदेश में अब बूथ लेवल से चुनावी रणनीति को आगे बढ़ाने का फैसला प्रियंका गांधी कर चुकी हैं और यह रणनीति भी उसी तरह से होगी जैसे कि बीजेपी चुनाव जीतने के लिए हर राज्य में अपनाती है यानी कि अब बीजेपी को टक्कर देने के लिए बीजेपी की रणनीति के अनुसार ही काम किया जाएगा ।कांग्रेस बूथ लेवल को मजबूत करके कार्यकर्ताओं में उत्साह भर के अपनी खोई हुई ताकत पाने की कोशिश प्रियंका गांधी के सहारे करेगी हालांकि अब कांग्रेस के लिए 2022 का चुनाव ही 2024 की तस्वीर और तकदीर को भी प्रदर्शित करेगा

उत्तर प्रदेश चुनाव में सवर्णों के वोट बैंक पर कब्जा करने के लिए कांग्रेस के पास पहले तो सवर्ण नेताओं की फौज हुआ करती थी लेकिन हाल ही के दौर में कांग्रेस से नेताओं का मोहभंग होता जा रहा है जो कि उत्तर प्रदेश में चिंता का सबब बना हुआ है पूर्व केंद्रीय मंत्री जितिन प्रसाद ने हाल ही में बीजेपी ज्वाइन करके सबको चौका दिया और कांग्रेस को झटका भी दिया है हालांकि वे ना तो लोकसभा में सदस्य थे ना और विधानसभा में लेकिन फिर भी उत्तर प्रदेश में उनकी खासी पकड़ थी लिहाजा अब बीजेपी उनका उपयोग कर सकती है वहीं उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के पास रीता बहुगुणा जोशी एक बड़ा नाम था जो अब बीजेपी में अपने भविष्य को आगे बढ़ा रही हैं इस लिहाज से देखा जाए तो कोई बड़ा नाम कांग्रेस के पास उत्तर प्रदेश में फिलहाल तो नहीं है ऐसे में पूरा दमखम प्रियंका गांधी के ही हाथ है कि वे अपने फेस को सामने रखकर उत्तर प्रदेश चुनाव में कांग्रेस के लिए वोट बैंक को बढ़ा सकें।

आक्रामक रणनीति के बाद भी फीका रहा है असर

प्रियंका गांधी ने साल 2019 में कांग्रेस की तरफ से सक्रिय राजनीति में कदम रखा जब उन्होंने महासचिव के रूप में उत्तर प्रदेश में एंट्री की हालांकि उन्होंने चुनाव प्रचार किया लेकिन वह असरदार साबित नहीं हुई इसके पहले प्रियंका गांधी रायबरेली के इलाके में अपनी मां सोनिया गांधी के लिए चुनावी प्रबंधन कर चुकी हैं हालांकि उन्होंने अभी तक कोई भी चुनाव नहीं लड़ा है कयास लगाए जाते हैं कि 2024 का चुनाव वे लड़ सकती हैं।

2022 की रणनीति तय करेगी 24 का गणित

अक्सर कहा जाता है कि दिल्ली की कुर्सी तक अगर आपको पहुंचना है तो उत्तर प्रदेश से ही वह रास्ता जाता है लिहाजा 2022 का विधानसभा चुनाव यह तय करेगा कि 2024 में किसका बोलबाला लोकसभा चुनाव में रहेगा कांग्रेस को एक करिश्माई व्यक्तित्व की तलाश है मौजूदा दौर में कांग्रेस में कलह मची हुई है इस लिहाज से एक खेमा प्रियंका गांधी के नाम की चर्चा अक्सर करता ही रहता है लेकिन पूर्ण रूप से प्रियंका गांधी का नाम इस तरह से कभी भी आगे नहीं आया लेकिन महासचिव के रूप में एक बड़ी जिम्मेदारी उनको मिली है इस लिहाज से समझा जा सकता है कि 2024 के चुनाव के पहले कांग्रेस के अंदर नेतृत्व को लेकर भी मंथन हो रहा है सवाल यह भी उठता है कि नेतृत्व गांधी परिवार से होगा या उससे इतर किसी अन्य नेता का चयन किया जाएगा सवाल कई हैं लेकिन फिलहाल उत्तर प्रदेश की चुनावी रणनीति पर प्रियंका का फोकस है।

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