क्या लॉर्ड्स टेस्ट में पुजारा की 45 रनों की पारी ने दे दी है उनके टेस्ट करियर को संजीवनी

Liberal Sports Desk : भारतीय टीम के मध्यक्रम के बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा के ऊपर लगातार खराब फॉर्म को लेकर आलोचनाओं का दौर चल रहा था और यह सवाल भी उठ रहा था कि चेतेश्वर पुजारा को अब भारत की टेस्ट टीम से ड्रॉप कर दिया जाना चाहिए लेकिन उसी बीच लॉर्ड्स टेस्ट की दूसरी पारी में चेतेश्वर पुजारा के बल्ले से 206 गेंदों पर 45 रनों की पारी निकल गई। जिसके बाद यह कहा जा रहा है कि चेतेश्वर पुजारा को अब इंग्लैंड के खिलाफ होने वाले अगले तीन टेस्ट मैचों के लिए टीम में चुन लिया जाएगा। अब ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि चेतेश्वर पुजारा की लॉर्ड्स टेस्ट में 45 रनों की पारी ने क्या उनके अंतर्राष्ट्रीय टेस्ट करियर को संजीवनी दे दी है।

45 रनों की पारी से क्या वापस आ गया हैं चेतेश्वर पुजारा का आत्मविश्वास

लॉर्ड्स टेस्ट मैच की दूसरी पारी में भारतीय टीम के जब 55 रनों पर 3 विकेट गिर गए थे उस वक्त चेतेश्वर पुजारा और अजिंक्य रहाणे के बल्ले से 100 रनों से ऊपर की साझेदारी निकली। जिसमें चेतेश्वर पुजारा ने 45 रनों की पारी खेली। तो अब ऐसे में सवाल उठ रहा है कि क्या इस 45 रनों की पारी से चेतेश्वर पुजारा का खोया हुआ आत्मविश्वास वापस लौट गया है। अगर अभी इस बात का जवाब देने को कहा जाएग तो क्रिकेट दिग्गजों और फैंस की तरफ से यही सुनने में मिलेगा कि अभी भी चेतेश्वर पुजारा उस लय में वापस नहीं लौटे। क्योंकि चेतेश्वर पुजारा की 45 रनों की पारी में चेतेश्वर पुजारा पूरी तरह से घबराए नजर आ रहे थे और उस पारी में वह झलक दिखाई नहीं दी जिसके लिए चेतेश्वर पुजारा जाने जाते हैं। ऐसे में अब भी यही कहा जाएगा कि चेतेश्वर पुजारा को टीम से ड्रॉप कर दिया जाना चाहिए क्योंकि उस पारी ने भारतीय टीम को मोमेंटम दिया लेकिन अभी भी चेतेश्वर पुजारा अपनी लय में वापस नहीं आ पाए हैं।

चेतेश्वर पुजारा की बल्लेबाजी में इस वक्त सबसे बड़ी कमी यही दिखाई दे रही है कि वे खराब गेंदों पर भी डिपेंड करने की सोच रहे हैं। जिसके बाद उनके ऊपर रन बनाने का दबाव देखा जा सकता है। यदि आप खराब गेंद पर भी रन बनाने के लिए नहीं जाएंगे तो फिर इंग्लैंड में कंडीशन हमेशा गेंदबाजों के लिए हावी रहती है ऐसे में चेतेश्वर पुजारा के लिए आने वाले मौके उनके करियर को पूरी तरह से खत्म भी कर सकते हैं और बदल भी सकते हैं।

MUST READ