B’day Special : हरभजन की फिरकी से डरते थे कंगारू, हैट्रिक लेकर भारत को दिलाई थी ऐतिहासिक जीत

टीम इंडिया के स्पिन गेंदबाजों की जब भी चर्चा होती है तो स्पिनर हरभजन सिंह का नाम सबसे आगे आता है। आज टीम इंडिया का यह स्टार खिलाड़ी अपना 41वा जन्मदिन मना रहा है। हरभजन ने अपने क्रिकेट करियर में कई बार शानदार गेंदबाजी करके टीम को अपने दम पर जीत दिलाई है लेकिन 2001 की ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ टेस्ट सीरीज ने हरभजन की जिंदगी को बदलकर रख दिया। ऑस्ट्रेलिया भारत में टेस्ट सीरीज खेलने आया और उस समय टीम इंडिया की कप्तानी सौरव गांगुली के पास थी। उस सीरीज में कई सारे बड़े रिकॉर्ड बने थे जिसमें हरभजन सिंह की जबरदस्त हैट्रिक भी शामिल थी। उस समय हरभजन टेस्ट में हैट्रिक लेने वाले पहले भारतीय गेंदबाज बने थे।

भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच 2001 में टेस्ट सीरीज चल रही थी और कोलकाता में दूसरा टेस्ट मुकाबला चल रहा था। उस मैच में हरभजन सिंह ने हैट्रिक लेकर ऑस्ट्रेलिया मको घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया था। हरभजन ने अपनी हैट्रिक में रिकी पोंटिंग, एडम गिलक्रिस्ट और शेन वार्न का विकेट निकाला था। उसी मैच में भारत की तरफ से लक्ष्मण और द्रविड़ के बेच भी जबरदस्त साझेदारी हुई थी। ऑस्ट्रेलिया ने भारत को फॉलो ऑन दिया था लेकिन भारत ने शानदार वापसी करते हुए उस मुकाबले को 171 रनों से जीत लिया था और टेस्ट सीरीज पर भी कब्ज़ा कर लिया था। भारत की इस ऐतिहासिक जीत के हीरो हरभजन सिंह ही रहे थे। पूरी सीरीज की 6 पारियों में भज्जी ने 32 विकेट अपने नाम किए थे।

हरभजन ने भारत के लिए 2007 टी-20 वर्ल्ड कप में भी अहम किरदार निभाया था और उस वर्ल्ड कप में भारत ने महेंद्र सिंह धोनी की कप्तानी में पाकिस्तान को फाइनल में हराकर ट्रॉफी पर कब्ज़ा किया था। उसके बाद फिर जब 28 साल बाद भारत 2011 वर्ल्ड कप जीतने में सफल हुआ तो उसमें भी भज्जी ने अपनी गेंदबाजी का कमाल दिखाया था। हरभजन ने अपने टेस्ट करियर में 103 मुकाबले खेलकर 417 विकेट अपने नाम किए वहीं भज्जी ने भारत के लिए 236 वनडे मुकाबले खेलते हुए 269 विकेट लिए हैं। टी-20 इंटरनेशनल में हरभजन ने भारत के लिए 28 मैच खेलते हुए 25 विकेट निकाले हैं। उम्मीद करते हैं हरभजन आगे भी अपने क्रिकेट करियर में ऐसे ही शानदार गेंदबाजी करते रहेंगे।

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