वाराणसी में प्रबुद्ध सम्मेलन में बोले सीएम योगी – 1947 से सरकारे चली आ रही है लेकिन तय नहीं हो पाता था विजन

उत्तर प्रदेश में 2022 में होने वाले विधानसभा के चुनाव को लेकर जो खास बात इस बार सामने आई है वह उत्तर प्रदेश में प्रबुद्ध सम्मेलन की। 2022 विधानसभा चुनाव में ब्राह्मण मतदाताओं को रिझाने के लिए उत्तर प्रदेश के सभी सियासी दल प्रबुद्ध सम्मेलन कर ब्राह्मणों को अपनी अपनी ओर खींचने के प्रयास में जुटे हुए हैं ।उत्तर प्रदेश में बसपा ने प्रबुद्ध सम्मेलन की शुरुआत की जिसके बाद सपा और अब भाजपा भी प्रबुद्ध सम्मेलन में उतर आई है ।5 सितंबर शिक्षक दिवस के दिन से भाजपा के प्रबुद्ध सम्मेलन की शुरुआत हुई। वाराणसी में आयोजित इस सम्मेलन में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सम्मिलित हुए और संबोधित किया।

प्रबुद्ध सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने शुरुआत शिक्षक दिवस के अवसर पर डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन को याद करते हुए की। सीएम योगी ने कहा कि काशी की भूमि से सर्वपल्ली डॉ राधाकृष्णन का विशेष जुड़ाव रहा है। सीएम योगी ने काशी का महत्व बताते हुए कहा कि काशी प्राचीन काल से ही सनातन और हिन्दू धर्म का केंद्र रहा है। देश और दुनिया के हर व्यक्ति के मन में काशी के बारे में जानने की उत्सुकता बनी रही है।

अपने सम्बोधन में सीएम योगी ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के यहाँ से सांसद चुके जाने के बाद से पिछले सालो से काशी आज अपने नए कलेवर के रूप में अपनी पुरातन आत्मा के साथ दुनिया के लिए एक नई नजीर बनती जा रही है। सीएम ने कहा आज काशी भौतिक विकास के रूप में आगे बढ़ रही है। सीएम योगी ने कहा कि सरकार 1947 से देश के अंदर चली आ रही हैं पर सरकार आती जाती रहेंगी लेकिन सरकार का विकास को जो विजन है वो क्या है ये तय नहीं हो पाता था। सीएम योगी ने कहा कि अपने संकीर्ण एजेंडे के साथ सरकार आती थी और जाती थी।

सीएम योगी ने कहा कि एक नेतृत्व वो था जिसने आजादी के तत्काल बाद सोमनाथ मंदिर के कार्य के शुभारम्भ का विरोध किया था और एक नेतृत्व आज है जो अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण कार्य के लिए प्रत्यक्ष रूप से उपस्थित होकर 5 सदी के इंतजार को दूर कर गौरव की अनुभूतु कर रहा है।

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