हिमाचल में सीएम ठाकुर ने सरकारी कर्मचारियों को दी बड़ी सौगात , स्वतंत्रता दिवस पर ये ऐलान

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने 76 वें स्वतंत्रता दिवस के उपलक्ष्य पर हिमाचल प्रदेश के सरकारी कर्मचारियों के लिए कई बड़ी सौगातें दी हैं ।सीएम जयराम ने कर्मचारियों के लिए नए वेतनमान के एरियर की पहली किस्त देने की घोषणा की । जिला सिरमोर के सराहां में राज्यस्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में सीएम जयराम ठाकुर ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की और राष्ट्रीय ध्वज फहराया ।

मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस दौरान परेड का भी निरीक्षण किया । इस अवसर पर सीएम ने कर्मचारियों को 1 जनवरी 2016 से देय एरियर के एक चौथाई हिस्से के भुगतान की घोषणा की । पेंशनरों को भी यह लाभ मिलेगा । इस पर सरकार 1,000 करोड़ रुपये खर्च करेगी । इससे 2.25 लाख कर्मियों व 1.90 लाख पेंशनरों को लाभ मिलेगा ।

बता दें कि छठे वेतन आयोग की सिफारिशों के तहत नया वेतनमान दिया जा रहा है । यह एक जनवरी 2016 से लागू किया गया है , जबकि इसे एक जनवरी 2022 से दिया गया है । साल के अंत में हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव की प्रक्रिया शुरू होने वाली है । ऐसे में चुनाव से ठीक पहले जयराम सरकार ने राज्यस्तरीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में कर्मचारियों के लिए कई सौगातें दीं । हालांकि डीए , स्कूल मैनेजमेंट कमेटी ( एसएमसी ) के तहत रखे गए 2555 शिक्षकों को स्थायी या नियमित नीति के तहत लाने , एनपीएस और आउटसोर्स कर्मियों को लेकर कोई घोषणा नहीं हुई है ।

पंचायतीराज विभाग के कर्मचारियों को तोहफा

मुख्यमंत्री ने पंचायतीराज विभाग के अधीन जिला संवर्ग के चार हजार कर्मचारियों को संशोधित वेतनमान जारी करने की भी घोषणा की । साथ ही 12 साल की नियमित सेवाएं पूरी करने वाले पंचायत चौकीदारों को दैनिक वेतनभोगी बनाने का एलान किया । सरकारी राशन डिपुओं में खाद्य तेल पर मिलने वाले अनुदान को सितंबर 2022 से मार्च 2023 तक सात महीने के लिए दोगुना करने की घोषणा की है । एपीएल राशनकार्ड धारकों के लिए पांच से 10 रुपये व गरीब परिवार को खाद्य तेल पर मिलने वाले अनुदान को 10 से बढ़ाकर 20 रुपये किया जाएगा

मुख्यमंत्री ठाकुर ने प्री प्राइमरी शिक्षा नीति बनेगी सीएम जयराम ने बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि प्रदेश में प्री प्राइमरी शिक्षा नीति बनाई जाएगी और जरूरत के अनुसार नियमित प्री प्राइमरी शिक्षकों की भर्ती की जाएगी । उन्होंने कहा कि इससे प्री प्राइमरी स्तर पर शिक्षा को सुदृढ़ किया जाएगा । एनटीटी पास अभ्यर्थी लंबे समय से इस नीति की मांग कर रहे थे । वहीं निजी भूमि से खैर कटान के लिए अब 10 साल का इंतजार नहीं करना होगा । खैर कटान के नियमों का सरलीकरण होगा ।

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