सत्ता हस्तांतरण का गवाह रहा है सेंट्रल हॉल.. आखिरी दिन मेनका गांधी ने रखे विचार

सेंट्रल हॉल में पुरानी संसद के आखिरी दिन संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि आज से हमारी संसद के दोनों सदनों की बैठकें नए संसद भवन में होंगी। हम सभी जानते हैं कि यह सेंट्रल हॉल ब्रिटेन से भारत में सत्ता हस्तांतरण का गवाह रहा है। मैं नए भवन से संसद के दोनों सदनों के कामकाज को लेकर बहुत खुश और उत्साहित हूं, जो नए और उभरते भारत का प्रतीक है, जो 2047 तक प्रधानमंत्री की परिकल्पना के अनुसार एक विकसित राष्ट्र का मार्ग प्रशस्त करेगा।
7 प्रधानमंत्रियों और भव्य इतिहास को आकार लेते देखा : मेनका
भाजपा सांसद मेनका गांधी ने कहा कि आज यह एक ऐतिहासिक दिन है और मुझे इस ऐतिहासिक क्षण का हिस्सा बनने पर गर्व है। हम एक नई इमारत में जा रहे हैं और उम्मीद है कि यह भव्य इमारत नए भारत की आकांक्षाओं को प्रतिबिंबित करेगी। आज, मुझे लोकसभा में सबसे वरिष्ठ सांसद के रूप में इस सम्मानित सभा को संबोधित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मैंने अपना अधिकांश जीवन इस संस्थान में बिताया है और मैंने 7 प्रधानमंत्रियों और भव्य इतिहास को आकार लेते हुए देखा है। एक स्वतंत्र सदस्य के रूप में मेरे पास कई कार्यकाल थे और अंतत: अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व में भाजपा में शामिल हुई।

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